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16 जून 2022

टीजीटी जीवविज्ञान अर्हता के पेंच ने छीने अवसर | TGT Biology qualification screw snatched opportunities

TGT Biology qualification screw snatched opportunities
प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) भर्ती विज्ञापन में जीवविज्ञान विषय की अहंता अभ्यर्थियों के लिए, समस्या बन गई है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने जारी भर्ती विज्ञापन में अर्हता जीवविज्ञान (जंतु विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान) विषय के साथ बीएससी तय की है। साथ ही बीएड अनिवार्य प्रशिक्षण अहंता है। इस तरह जंतु विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान में से किसी एक विषय के साथ रसायन (केमेस्ट्री) एव बायोटेक्नोलाजी या कोई समकक्ष विषय लेकर बीएससी करने वाले अभ्यार्थियों के आवेदन मान्य नहीं किए जाएंगे।
बायो टेक्नालाजी, वनस्पति विज्ञान (बाटनी), रसायन विज्ञान विषय के साथ बीएससी प्रशिक्षित मोहित दुबे इस भर्ती के लिए चयन बोर्ड की निर्धारित अर्हता के कारण आवेदन न कर पाने से परेशान हैं। उनका कहना है कि उनकी तरह जंतु और वनस्पति विज्ञान में से किसी एक विषय के साथ माइक्रो बायलाजी, बार्य टेक्नालाजी, बायो केमिस्ट्री व सैन्य विज्ञान में से किसी विषय से बीएससी करने वाले अभ्यर्थी इस भर्ती में शामिल होने से बाहर हो गए हैं। इस तरह बड़ी संख्या में प्रदेश भर के अभ्यर्थियों से आवेदन करने का मौका ही छीन लिया गया है। इससे उनमें नाराजगी है। अभ्यर्थियों ने इस मामले से मेरल-सहारनपुर खंड के शिक्षक विधायक श्रीचंद शर्मा को अवगत कराया है। उन्होंने अभ्यर्थियों की मांग के अनुरूप विषयों को शामिल करते हुए अर्हता में संशोधन कर अवसर दिए जाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखा है।

चयन बोर्ड के सचिव नवल किशेर का कहना है कि जीवविज्ञान टीजीटी को भर्ती के लिए जंतु और वनस्पति विज्ञान से बीएससी अनिवार्य है। इसके अलावा तीसरा विषय कुछ भी हो सकता है। उन्होंने कहा है कि जंतु और वनस्पति विज्ञान के साथ बीएससी न किए हुए अभ्यर्थियों के आवेदन मान्य नहीं होंगे। उसे निरस्त कर दिया जाएगा।

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