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राजकीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को मिली प्रोन्नति

सूबे के अलग-अलग जनपदों में राजकीय हाईस्कूलों और इंटर कॉलेजों में कार्यरत 227 शिक्षक-शिक्षकाओं को प्रोन्नति देकर प्रधानाध्यापक बनाया गया है। मजे की बात यह है कि इनमें से तीन शिक्षिकाएं और एक शिक्षक पिछले साल 31 मार्च को ही रिटायर हो चुके हैं।


इस आशय का आदेश शिक्षा निदेशक माध्यमिक डॉ. महेंद्र देव ने मंगलवार को जारी कर दिया है। साथ ही निर्देश दिया है कि समस्त पदोन्नति प्राप्त शिक्षक-शिक्षिकाएं अपने वर्तमान पद से कार्यमुक्त होकर पदोन्नत पद पर अविलंब प्रभार ग्रहण करें। पदोन्नति स्वीकार न करने की दशा में अपनी असहमति की सूचना मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक के माध्यम से उपलब्ध कराएं। शिक्षकों को उत्तर प्रदेश शैक्षिक अध्यापन (अधीनस्थ राजपत्रित) सेवा नियमावली के अधीन गठित समिति द्वारा चयनित प्रवक्ता वेतनक्रम में प्रोन्नत किया गया है। इसमें पुरुष वर्ग में 84 शिक्षकों को प्रधानाध्यापक के पद पर प्रोन्नति मिली है। इसमें प्रयागराज के एक भी शिक्षकों को प्रोन्नति नहीं मिली है। वहीं, महिला वर्ग में 143 को प्रोन्नत किया गया है। इसमें प्रयागराज की पांच महिलाएं शामिल हैं।

संघ प्रदेश अध्यक्ष भी प्रमोट हुईं रिटायरमेंट के बाद

उत्तर प्रदेश राजकीय शिक्षक संघ पांडे गुट की प्रदेश अध्यक्ष छाया शुक्ला का भी प्रधानाध्यापक पद पर मंगलवार को प्रमोशन हुआ है। वह पिछले साल 31 मार्च को ही रिटायर हो गई हैं। पांडे गुट के रामेश्वर पांडे ने बताया कि पदोन्नति की डीपीसी पिछले साल 21 मई को ही हो गई थी, लेकिन आदेश जारी होने में 10 महीने का समय लग गया। डीपीसी में पुरुष वर्ग के अंतर्गत 108 एलटी और 131 प्रवक्ता के प्रमोशन को हरी झंडी मिली थी, लेकिन 84 का ही पदस्थापन हो सका है। इनमें एलटी के 29 और प्रवक्ता के 65 शिक्षक शामिल हैं।

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