👇Primary Ka Master Latest Updates👇

कैबिनेट का फैसला निजी स्कूलों के फीस नियंत्रण पर मानसून सत्र में कानून, अन्य फैसले

कैबिनेट का फैसला निजी स्कूलों के फीस नियंत्रण पर मानसून सत्र में कानून, अन्य फैसले

लखनऊ : प्रदेश में संचालित निजी स्कूलों द्वारा छात्रों से वसूल किये जा रहे मनमाने शुल्क पर नियंत्रण के लिए सरकार मानसून सत्र में कानून बनाएगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क निर्धारण) अध्यादेश, 2018 की जगह अब उप्र स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) विधेयक-2018 को विधान मंडल के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।1राज्य सरकार के प्रवक्ता और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि प्रदेश के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ कराने के लिए निजी स्कूलों द्वारा मनमाने शुल्क पर अंकुश लगाने को अध्यादेश लागू किया गया है। यह शैक्षिक सत्र 2018-19 से लागू है। अध्यादेश की जगह अब विधेयक लाया जाएगा। 1इस विधेयक में जन सामान्य की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंडल स्तर पर बनाई गई समिति के स्थान पर शुल्क को विनियमित करने के लिए हर जिले में डीएम की अध्यक्षता में जिला शुल्क नियामक समिति का गठन किया जा रहा है। जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में गठित की जाने वाली समिति को सिविल प्रक्रिया संहिता 1908 के अधीन दीवानी न्यायालय और अपीलीय न्यायालय की शक्तियां प्राप्त होंगी।
इस समिति के सदस्यों का कार्यकाल दो वर्ष का होगा। प्रस्तावित निर्णय से छात्र, छात्रओं एवं उनके अभिभावकों पर निजी विद्यालयों द्वारा डाले जा रहे वित्तीय अधिभार से मुक्ति मिलेगी। प्रस्तावित निर्णय के अन्तर्गत कोई शुल्क नहीं लगा है। शासन को कोई राजस्व नहीं प्राप्त होगा और सभी कार्यवाही जनहित में शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए की जा रही है।
सरकारी भवनों से आसानी से बेदखल होंगे अवैध कब्जाधारी
राब्यू, लखनऊ : राज्य संपत्ति विभाग के भवनों पर अवैध रूप से काबिज संस्थाओं, राजनीतिक दल, कर्मचारी व अन्य संगठन, पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री, पत्रकार, अधिकारी और एनजीओ जैसे सभी आवंटियों को आसानी से बेदखल किया जा सकेगा। मंगलवार को कैबिनेट द्वारा उप्र सार्वजनिक भू-गृहादि (कतिपय अप्राधिकृत अध्यासियों की बेदखली) नियमावली-2018 को मंजूरी देने से राज्य संपत्ति विभाग की मुश्किलें कम होंगी।

15 दिन के नोटिस पर पुलिसिया कार्रवाई होगी : आवंटन निरस्त होने के बाद राज्य संपत्ति विभाग को अधिकार होगा कि आवंटी को भवन खाली करने के लिए 15 दिन का नोटिस जारी करें। इस अवधि में भवन खाली नहीं होता है तो मजिस्टेट व पुलिस बल को साथ लेकर खाली कराने की कार्रवाई की जा सकेगी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Politics news of India | Current politics news | Politics news from India | Trending politics news,