कानपुर। डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन (डीएलएड) में जब छात्र-छात्राएं दाखिला लेते हैं तो उन्हें पढ़ाई पूरी करने के बाद परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाना होता है। हालांकि, अब इसी पाठ्यक्रम के छात्र ऐसे मोबाइल एप व कंप्यूटर प्रोग्राम तैयार करेंगे जो बच्चों की पढ़ाई के लिए मददगार साबित होंगे।
Council and secondary schools में टीचिंग -लर्निंग प्रक्रिया यानि शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को रोचक बनाने के मकसद से राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (State Council of Educational Research and Training) की ओर से पहली बार डीएलएड छात्रों के लिए आइडिया हंट कार्यक्रम शुरू हुआ है। प्रदेश स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम में जिले से हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं भाग ले सकेंगे। सभी निजी डीएलएड कालेजों के प्रबंधकों को इस बाबत निदेशक State Council of Educational Research and Training की ओर से दिशा-निर्देशों वाला पत्र भेज दिया गया है। State Council of Educational Research and Training के विशेषज्ञों का कहना है, कि जो डीएलएड के छात्र होते हैं, उनमें अधिकतर ऐसे होते हैं जो बीटेक या अन्य किसी Professionals Course की पढ़ाई कर चुके हैं। इसलिए, छात्रों के बीच इस तरह का आयोजन कराया जा रहा है। आयोजन के माध्यम से जो बेस्ट 10 आइडिया राज्य स्तर पर मिलेंगे, उन्हें क्रियान्वित कराया जाएगा।
क्या बोले जिम्मेदार:
सभी छात्र-छात्राओं व अन्य कालेज संचालकों को आइडिया हंट-2021 कार्यक्रम की जानकारी दे दी है। ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं हिस्सा लें। एससीईआरटी का यह कदम भी सराहनीय है।- विनय त्रिवेदी, अध्यक्ष, उप्र स्ववित्तपोषित महाविद्यालय एसोसिएशन
इस तरह के आयोजन का मकसद है, कि छात्रों के अंदर छिपी प्रतिभा सामने आए। अगर अच्छे आइडिया सामने होंगे तो निश्चित तौर पर सभी को क्रियान्वित जरूर कराएंगे। – डा.सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह, निदेशक, एससीईआरटी


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