👇Primary Ka Master Latest Updates👇

68500 शिक्षक भर्ती में शासन व अन्य अफसरों को थी गड़बड़ी की सूचना: रिजल्ट के 10 दिन बाद ही कॉपियों की जांच व संशोधित परिणाम का आदेश, बिना परीक्षा दिए उत्तीर्ण होने से बदला निर्णय Shikshak Bharti

68500 शिक्षक भर्ती में शासन व अन्य अफसरों को थी गड़बड़ी की सूचना: रिजल्ट के 10 दिन बाद ही कॉपियों की जांच व संशोधित परिणाम का आदेश, बिना परीक्षा दिए उत्तीर्ण होने से बदला निर्णय Shikshak Bharti


इलाहाबाद : 68500 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा परिणाम के जो प्रकरण रह-रहकर सामने आए या आ रहे हैं, वह अभ्यर्थियों को भले ही चौंकाते रहे हैं लेकिन, शासन व अन्य अफसरों को इस स्थिति की जानकारी पहले से थी। इसे संभालने का भी जतन किया गया लेकिन, तब तक काफी देर हो चुकी थी। अनुत्तीर्ण हुए 23 अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण करार देकर सूची बेसिक शिक्षा परिषद को भेजना और दो अभ्यर्थियों के बिना परीक्षा में शामिल हुए उत्तीर्ण हो जाने से बचाव करने वाले सभी अफसर निरुत्तर हो गए थे।

शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा का रिजल्ट 13 अगस्त को जारी हुआ। उसके अगले दिन से ही हंगामा मचना शुरू हो गया। महज दो दिन में ही तमाम प्रत्यावेदन परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय तक पहुंचे। उनका परिणाम से मिलान किया गया तभी अफसरों को बड़ी गड़बड़ी मिल गई। असल में कॉपी के अंक एवार्ड ब्लैंक में दर्ज करने में बड़ी चूक हुई थी। इससे शासन तक को अवगत कराते हुए कहा गया कि एजेंसी व शिक्षकों से मानवीय भूल हुई है। हालांकि परीक्षा में अच्छे अंक पाने के हकदार अभ्यर्थियों के लिए रिजल्ट किसी वज्रपात से कम नहीं था। सूत्रों की मानें तो इसे सुधारने को रास्ता भी तय हुआ। शासन के ही निर्देश पर परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव ने 22 अगस्त को विज्ञप्ति जारी की। इसमें कहा गया कि जिन अभ्यर्थियों को स्कैन कॉपी चाहिए वे 30 अगस्त तक दो हजार रुपये के डिमांड ड्राफ्ट के साथ आवेदन करें। वहीं, जिनका यह दावा है कि उनके अंक अधिक होने चाहिए उन प्रकरणों की जांच कराई जा रही है। यदि त्रुटियां मिलती हैं तो उसे शुद्ध करके नियमानुसार अवसर दिया जाएगा।

यहां तक गनीमत रही लेकिन, 31 अगस्त को कोर्ट में सोनिका देवी की कॉपी बदलने का मामला खुला और फिर कोर्ट ने कई अन्य को जल्द कॉपी देने का निर्देश दिया। इससे सुधार होने से पहले ही सारी गड़बड़ियां खुलती चली गईं। इसके बाद भी परीक्षा नियामक को मौका दिया गया। लेकिन, बिना परीक्षा के ही उत्तीर्ण करने का मामला खुलने से सभी निरुत्तर हो गए। इसका जवाब किसी के पास नहीं था।

अब एक वर्ष तक लिए जाएंगे आवेदन : परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में अब परीक्षा में शामिल होने वाले एक वर्ष तक स्कैन कॉपी के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसे शासनादेश के अनुरूप लागू कर दिया गया है। अब तक करीब पांच हजार आवेदन कार्यालय को मिल चुके हैं। इसमें हर दिन बढ़ोतरी हो रही है।परीक्षा नियामक कार्यालय पर सोमवार को प्रदर्शन करते अभ्यर्थी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Politics news of India | Current politics news | Politics news from India | Trending politics news,