डिमांड दिवस पर पुरानी पेंशन बहाली की मांग, काला फीता बांधकर किया प्रदर्शन
इलाहाबाद : केंद्रीय कर्मचारियों की हड़ताल पहली बार 19 सितंबर, 1968 को हुई थी। इसकी 50वीं सालगिरह अखिल भारतीय रक्षा लेखा कर्मचारी संघ ने बुधवार को ‘डिमांड दिवस’ के रूप में मनाई। प्रमुख मुद्दा नई पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग रही। 1अखिल भारतीय रक्षा लेखा कर्मचारी संघ (मुख्यालय कोलकाता) शाखा इलाहाबाद की ओर से आयोजित सभा में अध्यक्षता बलराम ने की। केंद्रीय संघ समन्वय समिति के अध्यक्ष टीपी मिश्र ने 1968 में पहली बार हुई हड़ताल से जुड़े कई संस्मरण सुनाए। उन्होंने कर्मचारियों की एकता पर बल दिया। कंफेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट इंप्लाइज और वर्कर्स के राष्ट्रीय सहायक महासचिव सुभाष चंद्र पांडेय ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। राष्ट्रीय संयुक्त संघर्ष समिति ने आज के दिन को अखिल भारतीय मांग दिवस के रूप में मनाते हुए तीन मांगे रखीं। जिसमें पुरानी पेंशन नीति को बहाल करने, न्यूनतम वेतन को बढ़ाने और फिटमेंट फामरूला लागू करने तथा पेंशनर्स के लिए ऑप्शन वन लागू करने पर चर्चा की गई। कहा गया कि कंफेडरेशन ऑफ सेंट्रल गर्वनमेंट इंप्लाइज और वर्कर्स, 15 नवंबर को एक दिवसीय हड़ताल करेगा। सभा में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसीर अहमद, कार्यालय सचिव केके पांडेय, प्रमोद कुमार मिश्र, प्रमोद राय आदि ने विचार व्यक्त किए। संचालन सहायक महासचिव अजय मालवीय ने किया।
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