लोकसभा चुनाव के बहाने ही सही, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नए सत्र में बच्चे अपनी कक्षाओं में लाइट और पंखों की हवा के बीच पढ़ाई कर सकेंगे। सरकार ने जिले के ऐसे 1665 प्राथमिक तथा पांच उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बिजली की वायरिंग के लिए 35070000 रुपये का बजट जारी कर दिया है। प्रत्येक विद्यालय को वायरिंग के लिए 15000 रुपये तथा पंखे एवं लाइट के लिए 6000 रुपये आवंटित होंगे।
जिले में काफी विद्यालय ऐसे हैं जिनकी बिल्डिंग तो है, बिजली का कनेक्शन भी है लेकिन बिजली की वायरिंग नहीं है। लोकसभा चुनाव में इसमें से अधिकांश मतदान केंद्र बनने हैं। चुनाव तैयारी के दौरान जब खंड शिक्षाधिकारियों ने इन स्कूलों में वायरिंग न होने की रिपोर्ट दी तो बीएसए कार्यालय ने बजट के लिए फाइल शासन को भेजी जहां से स्वीकृति मिल गई। बीएसए संजय कुशवाहा ने बताया कि
जिस मद के लिए धनराशि स्वीकृत हुई है, व्यय सिर्फ उसी में होगा। विद्यालय प्रबंधन समिति ये काम कराएगी। किसी तरह की अनियमितता के लिए बीईओ एवं एसएमसी उत्तरदायी होंगे। नगर शिक्षा अधिकारी ज्योति शुक्ला ने कहाकि खंड शिक्षाधिकारियों से आंतरिक वायरिंग, पंखे, लाइट की आवश्यकता के बारे में पूछा गया है। यह ब्योरा उन्हें एक प्रारूप पर भरकर देना होगा। इसके बाद रकम एसएमसी खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
जिले में काफी विद्यालय ऐसे हैं जिनकी बिल्डिंग तो है, बिजली का कनेक्शन भी है लेकिन बिजली की वायरिंग नहीं है। लोकसभा चुनाव में इसमें से अधिकांश मतदान केंद्र बनने हैं। चुनाव तैयारी के दौरान जब खंड शिक्षाधिकारियों ने इन स्कूलों में वायरिंग न होने की रिपोर्ट दी तो बीएसए कार्यालय ने बजट के लिए फाइल शासन को भेजी जहां से स्वीकृति मिल गई। बीएसए संजय कुशवाहा ने बताया कि
जिस मद के लिए धनराशि स्वीकृत हुई है, व्यय सिर्फ उसी में होगा। विद्यालय प्रबंधन समिति ये काम कराएगी। किसी तरह की अनियमितता के लिए बीईओ एवं एसएमसी उत्तरदायी होंगे। नगर शिक्षा अधिकारी ज्योति शुक्ला ने कहाकि खंड शिक्षाधिकारियों से आंतरिक वायरिंग, पंखे, लाइट की आवश्यकता के बारे में पूछा गया है। यह ब्योरा उन्हें एक प्रारूप पर भरकर देना होगा। इसके बाद रकम एसएमसी खाते में ट्रांसफर की जाएगी।


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