प्रयागराज : ई-गवर्नेस को राज्य सरकार बढ़ावा दे रही है और परिणाम भी अच्छे मिल रहे हैं। लेकिन, प्रांतीय सेवाओं में भर्ती परीक्षाएं आज भी पुराने र्ढे पर हो रही हैं। उप्र लोकसेवा आयोग यानी यूपीपीएससी ने तो मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिए गए सुझाव के बावजूद कम पदों वाली परीक्षाएं ऑनलाइन कराने की ओर कदम नहीं बढ़ाया है। इससे कोई भी भर्ती समय से पूरी नहीं हो पा रही है। वजह सिर्फ यह बताई जा रही है कि ऑनलाइन परीक्षाएं सुरक्षित नहीं हैं।
मुख्य सचिव डा. अनूप चंद्र पांडेय की अध्यक्षता में अक्टूबर 2018 में लखनऊ में बैठक हुई थी। जिसमें यूपीपीएससी की व्यवस्थाओं को एजेंडे में प्रमुख रूप से रखा गया था। विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा के दौरान सुझाव दिया गया था कि कम पदों वाली भर्ती की परीक्षाएं ऑनलाइन कराने के लिए यूपीपीएससी विचार करे। इसके बाद ही उम्मीद जगी थी कि व्यवस्था में बदलाव होगा और भर्तियां समय पर पूरी होंगी। लेकिन, 2019 का तीसरा महीना भी खत्म होने को है और परीक्षाएं ऑनलाइन कराने का कोई प्रस्ताव तैयार नहीं हो सका।
मुख्य सचिव डा. अनूप चंद्र पांडेय की अध्यक्षता में अक्टूबर 2018 में लखनऊ में बैठक हुई थी। जिसमें यूपीपीएससी की व्यवस्थाओं को एजेंडे में प्रमुख रूप से रखा गया था। विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा के दौरान सुझाव दिया गया था कि कम पदों वाली भर्ती की परीक्षाएं ऑनलाइन कराने के लिए यूपीपीएससी विचार करे। इसके बाद ही उम्मीद जगी थी कि व्यवस्था में बदलाव होगा और भर्तियां समय पर पूरी होंगी। लेकिन, 2019 का तीसरा महीना भी खत्म होने को है और परीक्षाएं ऑनलाइन कराने का कोई प्रस्ताव तैयार नहीं हो सका।


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