जागरण संवाददाता, सहारनपुर: गृह जनपद में वापसी का इंतजार कर रहे बेसिक स्कूलों के शिक्षकों को सौगात मिल सकती है। इस बार परस्पर स्थानांतरण को वापसी का आधार बनाए जाने की संभावना है। जिले से 500 से अधिक शिक्षक कतार में हैं। माना जा रहा है चुनाव आचार संहिता की समाप्ति के बाद शिक्षकों की मुराद पूरी हो सकेगी। प्रदेश के दूर-दर दराज के जिलों के यहां 500 से अधिक शिक्षक प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत है। गत वर्ष ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से जिले से करीब 200 शिक्षकों को गृह जनपद में वापसी का अवसर मिला था। जून में यह प्रक्रिया पूरी हो सकी थी। उम्मीद लगाई जा रही थी कि स्थानांतरण की द्वितीय सूची आने के बाद नए शिक्षकों को लाभ मिल सकेगा। बाद में सूची न आने से शिक्षकों को निराशा हाथ लगी थी। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले यह संभावना जताई जा रही थी कि अंतर जिला स्थानांतरण का पिटारा खुल सकता है। यह उम्मीद भी पूरी नही हो सकी। विभागीय सूत्रों का कहना है कि शासन स्तर पर अंतर जिला स्थानांतरण के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। ऑनलाइन प्रक्रिया से शिक्षकों की उम्मीदें पूरी न होने को ध्यान में रखते हुए इस बार परस्पर स्थानांतरण की प्रक्रिया लागू की जा सकती है। उदाहरण के लिए सहारनपुर से एक शिक्षक को गोरखपुर जाना है, ऐसे में गोरखपुर से भी एक शिक्षक को सहारनपुर भेजा जाएगा। बताते है कि बेसिक शिक्षा परिषद की नियमावली में यह प्रावधान है लेकिन धीरे-धीरे इसे शिथिल कर दिया गया। मई में चुनाव आचार संहिता की समाप्ति के बाद जून में यह स्थानांतरण की प्रक्रिया परवान चढ़ने की संभावना है।

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