69000 शिक्षकभर्ती मुद्दा_ए_कटऑफ: 13 जून कोर्ट अपडेट लीगल टीम की जुबानी
*👉कालिया सर किन्हीं कारणोंवश आज भी अनुपस्थित रहे उम्मीद करते हैं कि जुलाई की सुनवाई में उनकी उपस्थिति 157/2019 के मुख्य याची द्वारा सुनिश्चित की जाएगी ।*
*👉सबसे पहले तो अब जरूरी हो गया है पूरी रणनीति जो सफल हो या असफल आप सबसे साझा करना क्योंकि कुछ अति समझदार लोगों ने आपके दिमाग मे डाल दिया है कि बस टैग होगी और कुछ ना होगा लेकिन उन्होंने ये ना बताया आपसे की अगर सारे सीनियर अधिवक्ता एकसाथ अपीयर होते तो इसी याचिका पर बहस होती क्योंकि ग्राउंड में बाकायदा परिवर्तन करके याचिका को तैयार कराया गया था ना कि बस टाइमपास के लिए याचिका दाखिल की गई है ।जिनको याचिका के ग्राउंड देखना है आकर लखनऊ में सम्पर्क कर सकते हैं पूर्व में दाखिल याचिकाओं और इस नई याचिका का परिवर्तन स्पष्ट हो जाएगा इसमें कुछ और केस ऑर्डर के साथ कोर्ट को ये अधिकार नहीं वह न्यूनतम अंक निर्धारित करे वालय ऑर्डर को भी शामिल किया गया है ।*
*👉अब बात करते हैं बेंच (राजन रॉय,और जौहरी सर) की लखनऊ खंडपीठ की एकमात्र बेंच जिसके शत प्रतिशत फैसले अभ्यर्थियों और सरकार के पक्ष में रहे हैं और शिक्षामित्रों का काल साबित होती रही है ये बेंच जिसमे आज केस लगा था । इस बात को अच्छे से जानते होंगे 68500 के चयनित साथी या टेट 2017 केस में जो लोग सम्मिलित थे दोनों मामलों में चचा के विधि चाणक्य इसी बेंच के समक्ष आकर ढेर हुए थे । तो जो लोग मुझसे ये कहते घूम रहे हैं कि नई याचिका डालकर केस जीत लोगे उनके लिए ये जवाब था नई याचिका शौक में नहीं रणनीति के तहत ही डाली थी विजय मिली तो ठीक वरना जुलाई कौन सा दूर है ।पर ये कोशिश सबकी होनी चाहिए थी बेंच सकारात्मक थी तो परिणाम हासिल करने पर जोर दिया जाता ना कि लोगों को ये बताने में कि कुछ ना होगा बस टैग होगी ।*
*👉कुछ लोगों ने आपको यह भी बताया है कि याचिका मात्र याचियों को जोड़ने के लिए है तो उन परम ज्ञानियों को मैं बताना चाहूँगा कि याचिका का उद्देश्य अंतरिम राहत प्राप्त करके भर्ती प्रक्रिया को शुरू कराने का था, है और रहेगा इसको पढ़ना चाहो तो कॉज लिस्ट में जाकर नीचे की तीन पंक्ति पढ़ लेना और AG सर यानी महाधिवक्ता जी से मुलाकात भी की गई थी APPEAR होने के लिए लेकिन उन्होंने अपनी असमर्थता जताई कि बिना शासन की अनुमति के वो अभ्यर्थियों की निजी याचिका पर सुनवाई के लिए नहीं उपस्थित हो सकते हैं ।उनकी असमर्थता के बाद टीम ने रेणुका MAM से भी मुलाकात करके निवेदन करने का प्रयास किया लेकिन सरकारी तंत्र के ढुलमुल रवैये के कारण महाधिवक्ता को लाने का प्रयास सफल नहीं हो पाया ।*
*👉माननीय मुख्यमंत्री जी के दफ़्तर में भी ग्रीष्मकालीन बेंच में एक सुनवाई कराने के लिए प्रार्थनापत्र दिया जा चुका है जिस से कम से कम अंतरिम राहत का प्रावधान किया जा सके और भर्ती की पूरी प्रक्रिया पर रोक लगाकर लाखों लोगों के भविष्य को चौपट करने का प्रयास करने वालों का मंसूबा ध्वस्त किया जा सके ।*
*#69000शिक्षकभर्ती #मुद्दा_ए_कटऑफ 🚩🚩*
*#लीगलअपडेट #ShivendraPratapSingh #13जून2019 🙏🚩🚩*
*👉साथियों जैसा भ्रम की स्थिति थी सुनवाई होगी या नहीं होगी अब स्पष्ट है सुनवाई होगी और शाम तक जो ऑर्डर आएगा उसके साथ सुनवाई की चीजें आप सबसे साझा कर लिया जाएगा लेकिन उसके पहले ही एक तरह से ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की गई कि जैसे गर्मी में सुनवाई कराके हमने कुछ 90 97 समर्थकों की नींद में खलल डाल दी है और ये वही लोग हैं जो अब तक आपको समझाते घूम रहे थे गर्मियों में कोर्ट बन्द रहती है कोई सुनवाई नहीं होती है ।*
*#लीगलअपडेट #ShivendraPratapSingh #13जून2019 🙏🚩🚩*
*👉साथियों जैसा भ्रम की स्थिति थी सुनवाई होगी या नहीं होगी अब स्पष्ट है सुनवाई होगी और शाम तक जो ऑर्डर आएगा उसके साथ सुनवाई की चीजें आप सबसे साझा कर लिया जाएगा लेकिन उसके पहले ही एक तरह से ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की गई कि जैसे गर्मी में सुनवाई कराके हमने कुछ 90 97 समर्थकों की नींद में खलल डाल दी है और ये वही लोग हैं जो अब तक आपको समझाते घूम रहे थे गर्मियों में कोर्ट बन्द रहती है कोई सुनवाई नहीं होती है ।*
*👉कालिया सर किन्हीं कारणोंवश आज भी अनुपस्थित रहे उम्मीद करते हैं कि जुलाई की सुनवाई में उनकी उपस्थिति 157/2019 के मुख्य याची द्वारा सुनिश्चित की जाएगी ।*
*👉सबसे पहले तो अब जरूरी हो गया है पूरी रणनीति जो सफल हो या असफल आप सबसे साझा करना क्योंकि कुछ अति समझदार लोगों ने आपके दिमाग मे डाल दिया है कि बस टैग होगी और कुछ ना होगा लेकिन उन्होंने ये ना बताया आपसे की अगर सारे सीनियर अधिवक्ता एकसाथ अपीयर होते तो इसी याचिका पर बहस होती क्योंकि ग्राउंड में बाकायदा परिवर्तन करके याचिका को तैयार कराया गया था ना कि बस टाइमपास के लिए याचिका दाखिल की गई है ।जिनको याचिका के ग्राउंड देखना है आकर लखनऊ में सम्पर्क कर सकते हैं पूर्व में दाखिल याचिकाओं और इस नई याचिका का परिवर्तन स्पष्ट हो जाएगा इसमें कुछ और केस ऑर्डर के साथ कोर्ट को ये अधिकार नहीं वह न्यूनतम अंक निर्धारित करे वालय ऑर्डर को भी शामिल किया गया है ।*
*👉अब बात करते हैं बेंच (राजन रॉय,और जौहरी सर) की लखनऊ खंडपीठ की एकमात्र बेंच जिसके शत प्रतिशत फैसले अभ्यर्थियों और सरकार के पक्ष में रहे हैं और शिक्षामित्रों का काल साबित होती रही है ये बेंच जिसमे आज केस लगा था । इस बात को अच्छे से जानते होंगे 68500 के चयनित साथी या टेट 2017 केस में जो लोग सम्मिलित थे दोनों मामलों में चचा के विधि चाणक्य इसी बेंच के समक्ष आकर ढेर हुए थे । तो जो लोग मुझसे ये कहते घूम रहे हैं कि नई याचिका डालकर केस जीत लोगे उनके लिए ये जवाब था नई याचिका शौक में नहीं रणनीति के तहत ही डाली थी विजय मिली तो ठीक वरना जुलाई कौन सा दूर है ।पर ये कोशिश सबकी होनी चाहिए थी बेंच सकारात्मक थी तो परिणाम हासिल करने पर जोर दिया जाता ना कि लोगों को ये बताने में कि कुछ ना होगा बस टैग होगी ।*
*👉कुछ लोगों ने आपको यह भी बताया है कि याचिका मात्र याचियों को जोड़ने के लिए है तो उन परम ज्ञानियों को मैं बताना चाहूँगा कि याचिका का उद्देश्य अंतरिम राहत प्राप्त करके भर्ती प्रक्रिया को शुरू कराने का था, है और रहेगा इसको पढ़ना चाहो तो कॉज लिस्ट में जाकर नीचे की तीन पंक्ति पढ़ लेना और AG सर यानी महाधिवक्ता जी से मुलाकात भी की गई थी APPEAR होने के लिए लेकिन उन्होंने अपनी असमर्थता जताई कि बिना शासन की अनुमति के वो अभ्यर्थियों की निजी याचिका पर सुनवाई के लिए नहीं उपस्थित हो सकते हैं ।उनकी असमर्थता के बाद टीम ने रेणुका MAM से भी मुलाकात करके निवेदन करने का प्रयास किया लेकिन सरकारी तंत्र के ढुलमुल रवैये के कारण महाधिवक्ता को लाने का प्रयास सफल नहीं हो पाया ।*
*👉माननीय मुख्यमंत्री जी के दफ़्तर में भी ग्रीष्मकालीन बेंच में एक सुनवाई कराने के लिए प्रार्थनापत्र दिया जा चुका है जिस से कम से कम अंतरिम राहत का प्रावधान किया जा सके और भर्ती की पूरी प्रक्रिया पर रोक लगाकर लाखों लोगों के भविष्य को चौपट करने का प्रयास करने वालों का मंसूबा ध्वस्त किया जा सके ।*


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