1.24 लाख शिक्षामित्र मामले की स्पेशल अपील की सुनवाई आज 02 जुलाई को हुई: पढें आज का सार
आज 02 जुलाई को मा0सुप्रीम कोर्ट में 1.24 लाख शिक्षामित्र मामले की स्पेशल अपील की सुनवाई *मा0 जस्टिस यू0यू0ललित और मा0 जुस्टिस विनीत शरण जी की पीठ में आइटम न0-5 पर हुई।* महत्वपूर्ण बात तो यह है यह केस सिंगल बेंच और डबल बेंच के चैनल से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है
बहुत ही महत्वपूर्ण बिन्दु-
सिंगल बेंच के आर्डर मे लिखा गया कि राज्य सरकार २५ जुलाई २०१७ के अनुपालन मे १०००० मानदेय जारी कर दिया है लेकिन पैब रिपोर्ट २०१७-१८ के अनुसार १०००० रूपये मानदेय ११ माह की दर से २६५०६ पैराटीचर के लिये और ३८८७८ रूपये वेतन १२ माह के लिये १२१०६३ अपग्रेड पैराटीचर जो (शिक्षामित्र स्नातक एवं बीटीसी) के लिये अप्रैल २०१७ से ही जारी किया गया है जबकि राज्य सरकार ने सभी को शिक्षामित्र/पैराटीचर पद रखते हुये २०-०९-२०१७ के शासनादेश के तहत १०००० मानदेय माह अगस्त २०१७ से जारी किया है जो माननीय सुप्रीम कोर्ट के आर्डर का भी उल्लंघन है क्योकि सुप्रीम कोर्ट आर्डर मे लिखा है कि समायोजन से पूर्व की स्थिति मे रखने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। समायोजन से पूर्व की स्थिति १ लाख २४ हजार की प्रशिक्षित स्नातक शिक्षामित्र(अपग्रेड पैराटीचर) की है न कि १९९९ शासनादेश के तहत शिक्षामित्र जिनकी योग्यता इण्टर पास है। 124000 प्रशिक्षित स्नातक शिक्षामित्र भाईयो व बहनो आप लोगो को अवगत कराया जाता है कि आज दिनॉक ०२-०७-२०१९ को 124000 भोला शुक्ल रिट की सुनवायी सीरियल नम्बर 5 पर हुई जिसकी सुनवायी रिट उपरोक्त तथ्यों पर ही आधारित है इसलिये हमे न्याय मिलने की उम्मीद है और आज 124000 केस पर विपक्षी पार्टी को नोटिस जारी हो गया है. जिसमें भारत सरकार और राज्य सरकार को विपक्षी पार्टी बनाया गया है शेष अब माननीय जज साहब के माइन्ड पर भी निर्भर करेगा।


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