प्रमोशन में लिखित परीक्षा भी हो विकल्प: पीपीएस कैडर की समस्याओं के निस्तारण को गठित कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट
सूत्रों की मानें तो कमिटी ने अध्ययन में पाया कि पुलिस महकमे में पहले लिखित परीक्षा के आधार पर होने वाले प्रमोशन की प्रक्रिया ज्यादा प्रभावी थी। परीक्षा के जरिए प्रमोशन में ऐसे कर्मचारियों को ऊपर तक पहुंचने का मौका मिलता था, जो पढ़े लिखे और सक्रिय रहते हैं। कमिटी का मानना है कि इंस्पेक्टर से पीपीएस संवर्ग में प्रमोशन के दौरान वरिष्ठता के आधार पर प्रमोशन के साथ कुछ प्रतिशत लिखित परीक्षा के लिए भी रखा जाए। साथ ही कमिटी ने यह भी सिफारिश की है कि पीपीएस संवर्ग में प्रोन्नति पाए अफसरों को नई तैनाती देने से पहले आईपीएस कैडर की तरह प्रशिक्षण दिया जाए।• एनबीटी ब्यूरो, लखनऊ : पीपीएस कैडर रिव्यू, प्रमोशन जैसी समस्याओं के निस्तारण को लेकर एडीजी रेणुका मिश्रा की अध्यक्षता में गठित कमिटी ने अपनी रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक को सौंप दी है। रिपोर्ट में जहां प्रमोशन के लिए पहले की तरह लिखित परीक्षा करवाए जाने पर बल दिया गया है, वहीं पीपीएस संवर्ग में आने वाले अफसरों के लिए प्रशिक्षण की सिफारिश की गई है।
डीजीपी ओपी सिंह ने पीपीएस असोसिएशन की मांग के बाद उनकी समस्याओं और उनके निस्तारण को लेकर एडीजी रेणुका मिश्रा की अध्यक्षता में कमिटी का गठन किया था। कमिटी में पीपीएस अफसरों को भी रखा गया था। कमिटी ने रिपोर्ट देने से पहले राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों के प्रांतीय पुलिस सेवा के ढांचे, उनकी नियमावली, प्रमोशन की समय सीमा समेत तमाम पहलुओं पर गहन अध्ययन किया। चार जुलाई को कमिटी अध्यक्ष रेणुका मिश्रा ने डीजीपी के सामने


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