पंचायती राज और बेसिक शिक्षा विभाग मिलकर संवारेंगे बदहाल आंगनबाड़ी केंद्र,जल्द जारी हो सकता है शासनादेश, छह महीने में बदलाव दिखने की उम्मीद
लखनऊ : बिना बिजली कनेक्शन, बिना शौचालय और पानी के बदहाल आंगनबाड़ी केंद्रों के दिन बहुरेंगे। अब यहां मूलभूत सुविधाएं होंगी। एनबीटी में खबर के बाद मुख्य सचिव डॉ़ अनूप चंद्र पांडेय ने हाल ही में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति सुधारने के लिए पंचायतीराज और बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं। विभागों के बीच सहमति भी बन गई है। सूत्र बताते हैं कि बैठक के मिनट्स साइन होते ही इसका शासनादेश जारी हो जाएगा।
बीते दिनों एनबीटी ने आंगनबाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं की कमी की खबर प्रकाशित की थी। खबर में खुलासा किया गया था कि बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के आंकड़ों के मुताबिक ही 77,741 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बिजली कनेक्शन नहीं हैं। जबकि 28,164 आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय और 16,489 में पीने के साफ पानी की भी व्यवस्था नहीं है। यह खबर प्रकाशित होने के बाद इन कमियों को दूर करने के लिए मुख्य सचिव ने हाल ही में अंतरविभागीय बैठक की। इसमें मुख्य सचिव ने समाधान निकालते हुए कहा कि जो आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक विद्यालयों में चल रहे हैं। उनमें बिजली, पानी और शौचालयों की व्यवस्था बेसिक शिक्षा विभाग कराएगा जबकि ग्राम सभाओं में चलने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों में सुविधाओं की व्यवस्था पंचायतीराज विभाग की तरफ से होगी। इसके बाद अगर कोई केंद्र ऐसा बचता है, जहां पर बिजली, पानी और शौचालय की व्यवस्था नहीं है तो वहां पर इसकी व्यवस्था के लिए वित्त आयोग से आने वाले पैसे की मदद ली जाएगी।
इस व्यवस्था पर सहमति भी बन गई है और शासनादेश जारी होते ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर इसकी व्यवस्था शुरू हो जाएगी। केंद्रों पर बिजली, पानी और शौचालयों की व्यवस्था होने के बाद यहां काम करना आसान हो जाएगा। सूत्र बताते हैं कि अगले सप्ताह तक इसका शासनादेश जारी हो जाएगा जबकि अगले छह महीने में सभी केंद्रों पर बिजली, पानी और शौचालयों की व्यवस्था होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बीते दिनों एनबीटी ने आंगनबाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं की कमी की खबर प्रकाशित की थी। खबर में खुलासा किया गया था कि बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के आंकड़ों के मुताबिक ही 77,741 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बिजली कनेक्शन नहीं हैं। जबकि 28,164 आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय और 16,489 में पीने के साफ पानी की भी व्यवस्था नहीं है। यह खबर प्रकाशित होने के बाद इन कमियों को दूर करने के लिए मुख्य सचिव ने हाल ही में अंतरविभागीय बैठक की। इसमें मुख्य सचिव ने समाधान निकालते हुए कहा कि जो आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक विद्यालयों में चल रहे हैं। उनमें बिजली, पानी और शौचालयों की व्यवस्था बेसिक शिक्षा विभाग कराएगा जबकि ग्राम सभाओं में चलने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों में सुविधाओं की व्यवस्था पंचायतीराज विभाग की तरफ से होगी। इसके बाद अगर कोई केंद्र ऐसा बचता है, जहां पर बिजली, पानी और शौचालय की व्यवस्था नहीं है तो वहां पर इसकी व्यवस्था के लिए वित्त आयोग से आने वाले पैसे की मदद ली जाएगी।
इस व्यवस्था पर सहमति भी बन गई है और शासनादेश जारी होते ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर इसकी व्यवस्था शुरू हो जाएगी। केंद्रों पर बिजली, पानी और शौचालयों की व्यवस्था होने के बाद यहां काम करना आसान हो जाएगा। सूत्र बताते हैं कि अगले सप्ताह तक इसका शासनादेश जारी हो जाएगा जबकि अगले छह महीने में सभी केंद्रों पर बिजली, पानी और शौचालयों की व्यवस्था होने की उम्मीद जताई जा रही है।


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