कोरोना के खतरे को देखते हुए स्कूल अभी भले ही बंद हैं, लेकिन गर्मी की छुट्टियों के बाद जैसे ही वह खुलेंगे, तो वहां भी कोरोना से बचाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम दिखेंगे। फिलहाल इसके तहत जो अहम उपाय देखने को मिलेंगे, उनमें दो गज दूरी का फामरूला भी होगा। जिसके तहत क्लास में एक बेंच से दूसरी बेंच के बीच की दूरी कम से कम दो गज की यानि छह फीट रखनी जरूरी होगी। इसके साथ ही लैब और लाइब्रेरी जैसी जगहों में एक बार में सिर्फ दस बच्चों को जाने की इजाजत होगी।
स्कूलों को कोरोना संकट से बचाने के लिए फिलहाल मानव संसाधन विकास मंत्रलय के निर्देश पर एनसीईआरटी सेफ्टी गाइड लाइन को अंतिम रूप देने में जुटा है। इसके साथ ही क्लास रूप में अब एक बेंच पर एक ही बच्चे को बैठने की इजाजत मिलेगी। सीटों की अदला-बदली नहीं हो सकेगी।
सूत्रों के मुताबिक स्कूलों के लिए प्रस्तावित सेफ्टी गाइडलाइन में प्रत्येक क्लास रूम के बाहर हैंड सैनीटाइजर रखना जरूरी होगा। फिलहाल स्कूलों को इससे जुड़ी तैयारी करने के लिए मंत्रलय ने जल्द ही गाइडलाइन जारी करने के संकेत दिए है।
प्रस्तावित गाइडलाइन के तहत स्कूलों के ऐसे परिसर को हर दिन सैनीटाइज करना होगा, जहां बच्चों का जमघट होता है। यानि असेम्बली परिसर और खेल वाली जगह इनमें शामिल होंगी। स्कूलों में मौजूदा व्यवस्था के तहत एक क्लास में एक बेंच पर दो बच्चे बैठाए जाते हैं। वहीं एक क्लास में बच्चों की कुल संख्या करीब 40 होती है। ऐसे में सेफ्टी गाइड लाइन के बाद उन्हें यह संख्या आधी से भी कम करनी होगी।
स्कूलों को कोरोना संकट से बचाने के लिए फिलहाल मानव संसाधन विकास मंत्रलय के निर्देश पर एनसीईआरटी सेफ्टी गाइड लाइन को अंतिम रूप देने में जुटा है। इसके साथ ही क्लास रूप में अब एक बेंच पर एक ही बच्चे को बैठने की इजाजत मिलेगी। सीटों की अदला-बदली नहीं हो सकेगी।
सूत्रों के मुताबिक स्कूलों के लिए प्रस्तावित सेफ्टी गाइडलाइन में प्रत्येक क्लास रूम के बाहर हैंड सैनीटाइजर रखना जरूरी होगा। फिलहाल स्कूलों को इससे जुड़ी तैयारी करने के लिए मंत्रलय ने जल्द ही गाइडलाइन जारी करने के संकेत दिए है।
प्रस्तावित गाइडलाइन के तहत स्कूलों के ऐसे परिसर को हर दिन सैनीटाइज करना होगा, जहां बच्चों का जमघट होता है। यानि असेम्बली परिसर और खेल वाली जगह इनमें शामिल होंगी। स्कूलों में मौजूदा व्यवस्था के तहत एक क्लास में एक बेंच पर दो बच्चे बैठाए जाते हैं। वहीं एक क्लास में बच्चों की कुल संख्या करीब 40 होती है। ऐसे में सेफ्टी गाइड लाइन के बाद उन्हें यह संख्या आधी से भी कम करनी होगी।


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