69000 शिक्षक भर्ती में फर्जी व भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ बेसिक शिक्षा परिषद ने साइबर सेल में शिकायत की है। परिषद के उप सचिव अनिल कुमार ने कहा है कि सोशल मीडिया व विभिन्न साइटों पर गलत तरीके से आरक्षण देने या अपात्रों को मेरिट सूची में चयनित करने की खबर आ रही है जो भ्रामक हैं। ऐसी खबर फैलाने वालों के खिलाफ परिषद ने विधिक कार्रवाई करने के लिए साइबर सेल, लखनऊ को पत्र लिखा है।
परिषद ने अभी केवल काउंसलिंग के लिए मेरिट जारी की है। इसमें कई नाम ऐसे आ रहे हैं जिनमें उपनाम सवर्ण हैं लेकिन उन्हें ओबीसी या अन्य आरक्षित वर्ग में शामिल किया गया है। इसे लेकर अभ्यर्थी नाराज हैं और कह रहे हैं कि परिषद ने अपात्रों को सूची में जगह दी है। उप सचिव का कहना है कि ये मेरिट अभ्यर्थियों के दिए गए विवरण पर तैयार की गई है। हाईकोर्ट के ताजा फैसले के बाद इसे अभ्यर्थी भी संशोधित नहीं कर सकते। यदि किसी तिवारी उपनाम वाले अभ्यर्थी ने ओबीसी या एसटी विकल्प को भर दिया है तो जब वह काउंसलिंग करवाने जाएगा तो जाति प्रमाणपत्र न दे पाने पर उसका अभ्यर्थन रद्द हो जाएगा।


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