प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीबी ) में अनामिका शुक्ला के नाम पर नियुक्तियों के फर्जीवाड़े का जल्द ही खुलासा हो जाएगा। मामले की जांच कर रही प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ ) को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। पूरी संभावना है कि एक दो दिनों मेंही इस फर्जीवाड़े की अंजाम देने वाले गैंग तक उसके हाथ पहुंच जाएंगे। सूत्रों के अनुसारएसटीएफ को ऐसी पुख्ता सूचनाएं मिली हैं कि केजीबीवी में शिक्षकों की संविदा पर होने वाली नियुक्तियां इसगिरोह का 'साफ्ट टारगेट' रही हैं। चूंकि इन नियुक्तियों में मेरिट का अहम रोल होता है, इसलिए इसमें अधिक अंक पाने वाले अभ्यर्थी के अंकपत्रों ने जगह-जगह अपना कमाल दिखाया। अब तक की जांच में नौ जिलों में का मामला पकड़ में आ चुका है। एसटीएफ की टीमें इस समय सभी नौ जिलों में फर्जीवाड़े की कड़ियां आपस में जोड़ रही हैं।
प्रीति यादव को बर्खास्त किया गया
- सरिता ही अनामिका बन कर रही थी नौकरी
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- फर्जी वार्डन और शिक्षिका पर मुकदमा, बीएसए ने शुरू की फर्जीवाड़े की जांच
जौनपुर। जौनपुर व आजमगढ़ के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुफ्तीगंज में प्रीति यादव के नाम से फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे पूर्णकालिक शिक्षक और आजमगढ़ जनपद के पवई विकासखंड में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में वार्डेन के रूप में नौकरी करने वाली प्रीति यादव पुत्री लाल बहादुर सिंह यादव के खिलाफ शनिवार की रात जौनपुर नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएसए प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने आनन-फानन में रविवार को ही उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया। इसके अलावा जौनपुर में वेतन के रूप में एक लाख 40 हजार रुपए और आजमगढ़ जनपद में डेढ़ लाख रुपए वेतन के रूप में लिए जाने के मामले में रिकवरी के लिए पुलिस की मदद से कागजी प्रपत्र तैयार कर शिकंजा कसा जा रहा है। प्रदेशस्तर पर फर्जी शिक्षकों के बड़े खुलासे के बाद जौनपुर में भी प्रीति यादव के नाम से हुए खुलासा हुआ था। इसे लेकर बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा है।
मैनपुरी। अनामिका शुक्ला की तरह सामने आए दीप्ति कांड में रविवार को एक और बड़ा खुलासा हुआ। जिस दीप्ति को विभाग असली मानकर चल रहा था उस दीप्ति का नाम और पता दोनों ही फर्जी निकले हैं। बीएसए के निर्देश पर डीसी बालिका शिक्षा ने रविवार को बेवर के परौंखा जाकर दीप्ति सिंह के नाम और पते की पड़ताल की थी लेकिन जांच के दौरान पता चला कि जमौरा स्थित विद्यालय में जो दीप्ति अनुदेशिका है उसका नाम और पता पूरी तरह फर्जी निकला है। जांच में यह खुलासा होने के बाद विभाग हैरान रह गया है। डीसी बालिका जांच रिपोर्ट अधिकारियों को दे रहे हैं। अनामिका शुक्ला कांड का खुलासा होने के बाद कस्बा करहल स्थित कस्तूरबा विद्यालय में दीप्ति सिंह नाम की एक शिक्षिका पांच जून को इस्तीफा देकर गायब हो गई है। इसके अभिलेख फर्जी हैं। इसकी शिकायत जमौरा की अनुदेशिका दीप्ति सिंह द्वारा की गई।
प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में अनामिका शुक्ला के नाम पर नियुक्तियों के फर्जीवाड़े का जल्द ही खुलासा हो जाएगा। मामले की जांच कर रही प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। पूरी संभावना है कि एक दो दिनों में ही इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने वाले गैंग तक उसके हाथ पहुंच जाएंगे।
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सूत्रों के अनुसार एसटीएफ को ऐसी पुख्ता सूचनाएं मिली हैं कि केजीबीवी में शिक्षकों की संविदा पर होने वाली नियुक्तियां इस गिरोह का ‘साफ्ट टारगेट' रही हैं। चूंकि इन नियुक्तियों में मेरिट का अहम रोल होता है, इसलिए इसमें अधिक अंक पाने वाले अभ्यर्थी के अंकपत्रों ने जगह-जगह अपना कमाल दिखाया। अब तक की जांच में नौ जिलों में फर्जी नियुक्तियों का मामला पकड़ में आ चुका है। एसटीएफ की टीमें इस समय सभी नौ जिलों में फर्जीवाड़े की कड़ियां आपस में जोड़ रही हैं।
अलीगढ़ में फरार बबली चढ़ी पुलिस के हत्थे अलीगढ़। कस्तूरबा विद्यालय, बिजौली ब्लॉक में अनामिका शुक्ला के दस्तावेजों पर नौकरी करने वाली बबली को पुलिस ने शनिवार रात अलीगढ़ के बिजौली चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। वह कानपुर देहात के रसूलाबाद के चंदनपुरवा की निवासी है और छह जून से घर पर ताला लगाकर फरार थी।


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