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शिक्षकों से अवैध वसूली के मामले में शिक्षा विभाग में सक्रिय है शिक्षा अधिकारियों का रैकेट,कुछ वर्षों की काली कमाई से खण्ड शिक्षा अधिकारी बने अकूत संपत्ति के धनी जांच की मांग

*शिक्षकों से अवैध वसूली के मामले में शिक्षा विभाग में सक्रिय है शिक्षा अधिकारियों का रैकेट*

*विकलांगता की फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर खण्ड शिक्षा अधिकारी की नौकरी हथियाने का है आरोप*

*कुछ वर्षों की काली कमाई से खण्ड शिक्षा अधिकारी बने अकूत संपत्ति के धनी जांच की मांग*

*कौशांबी* जनपद के मूरतगंज ब्लॉक में कार्यरत खण्ड शिक्षा अधिकारी रमेश चंद्र पटेल पर फर्जी विकलांगता प्रमाणपत्र के सहारे नौकरी हथियाने के आरोप के साथ कुछ वर्षों में अकूत संपत्ति के धनी बनने के मामले में इनकी काली कमाई के संदर्भ में मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर शिक्षकों ने कार्यवाही की मांग की है शिक्षा बिभाग में शिक्षकों से अवैध वसूली के मामले में शिक्षा अधिकारियों का रैकेट सक्रिय है जो योगी सरकार की छवि धूमिल कर काली कमाई में मशगूल है

मूरतगंज खंड शिक्षा अधिकारी रमेशचन्द्र पटेल पर आरोप लगाते हुए नितिन कुमार यादव
जिलाअध्यक्ष बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन जनपद कौशांबी ने कहा कि इन्होंने काली कमाई से बनाया करोडो की संपत्ति अर्जित की है आरोप है कि मूरत गंज के खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा बिना रिश्वत के कोई भी विभागीय कार्य नही किया जाता है,इनके द्वारा हर मद का रेट निर्धारित है परिषदीय शिक्षक के ज्वाइनिंग शुल्क के रूप में प्रति शिक्षक तीन हजार रुपये से लेकर चार हजार रुपये तक की वसूली इनके द्वारा सहयोगियों के सहयोग से की जाती है


नितिन कुमार यादव जिलाध्यक्ष बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन् ने कहा है कि एक माह के मेडिकल स्वीकृत हेतु लगभग पांच हजार रुपये की वसूली सी.सी.एल हेतु प्रति माह छह हजार रुपये की वसूली मातृत्व अवकाश हेतु तीन हजार से चार हजार रुपये की वसूली कंपोजिट ग्रांट में कमीशन 10 परसेंट की वसूली के साथ इनके द्वारा निर्धारित फर्म से ड्रेस आपूर्ति व कमीशन प्रति छात्र चालीस रुपये,यू डायस प्रपत्र फीडिंग हेतु तीन सौ रुपये एव पे स्लिप हेतु पांच सौ रुपये वसूली निर्धारित है 

अध्यापकों से ज्वाइनिंग से लेकर सभी मदों में उनका कमीशन बना हुआ है जो अध्यापक इनका कमीशन नही देता और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता है उसको इनके द्वारा परेशान किया जाता है उस अध्यापक का गलत तरीके से वेतन अवरुद्ध किया जाता है और इनके द्वारा गलत आरोप लगाकार बेसिक शिक्षा अधिकारी से निलंबन की सिफारिश की जाती है इस भ्रष्टाचार में पूरा एक चैनल काम करता है शिक्षा बिभाग में नीचे से लेकर उपर तक कमीशन बंधा हुआ है आरोप है कि खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा धन उगाही का कार्य ज्यादातर एन.पी.आर.सी के माध्यम से कराई जाती है जिसमे इनका भी कमीशन बंधा है खंड शिक्षा अधिकारी मूरतगंज पर कई बार अध्यापकों द्वारा आरोप लग चुका है और इनका ट्रांसफर महराजगंज जनपद में पिछले साल हो चुका था लेकिन एन केन व सिफारिश से इनके उपर कार्यवाही नही हुई और अपना ट्रांसफर भी इन्होंने रुकवा लिया है 

इतना ही नही यह भी बताया जाता है की इन्होने विकलांगता की फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर नौकरी प्राप्त की है एक ब्लॉक में लगातार 7 वर्षो से इनकी तैनाती है इतने समय में इन्होंने करोड़ो की संपत्ति अर्जित की है एक खंड शिक्षा अधिकारी जिनकी सेलरी लगभग 70 से 75 हजार महीने होते है फिर करोड़ो की संपत्ति कैसे आई,बताया जाता है की मूरतगंज के खंड शिक्षा अधिकारी ने कई जगह कई प्लाट काली कमाई से बनाई है इतना ही नही इनके द्वारा डिग्री कालेज भी बनवाया जा रहा है लेकिन भाई से विवाद के बाद कार्य रुक गया है इनके पास कई लग्जरी गाड़िया भी बताई जाती है महंगे सामानों की शौक भी खंड शिक्षा अधिकारी रखते है बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिशन के जिलाध्यक्ष नितिन कुमार यादव ने इनकी संपत्ति की जांच कराने की माग करते हुए मुख्यमंत्री और कई अधिकारियो को पत्र लिखा है

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