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शिक्षा से वंचित दो करोड़ बच्चों को स्कूल में दिलाएंगे प्रवेश, परिषदीय स्कूलों में बच्चों के पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकों के बोझ होगा कम, पूर्व प्राथमिक से लेकर 12वीं कक्षा तक के शिक्षकों के चयन के लिए टीईटी को अनिवार्य

लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन की कार्ययोजना तय की है। इसके तहत प्रदेश में शिक्षा से वंचित दो करोड़ बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाया जाएगा। साथ ही, स्कूल में उनकी उपस्थिति और उपलब्धि पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। वहीं, वर्ष 2030 तक प्री-प्राइमरी से लेकर माध्यमिक शिक्षा तक सभी की पहुंच बनाकर शत प्रतिशत नामांकन कराने का लक्ष्य रखा है। वहीं, परिषदीय


स्कूलों में बच्चों के पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकों के बोझ कम किए जाएंगे। विभाग ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों को 5 से 25 सितंबर तक जिला पंचायतों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों की बैठक आयोजित कर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत वर्ष 2030 तक प्री-प्राइमरी से लेकर माध्यमिक शिक्षा तक सभी की पहुंच बनाकर शत प्रतिशत नामांकन कराने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश के सभी कस्तुरबा गांधी बालिका विद्यालयों को इंटरमीडिएट तक उच्चीकृत किया जाएगा। कक्षा 6 से विद्यार्थियों के वोकेशनल एजुकेशन की व्यवस्था लागू की जाएगी। जहां तक संभव होगा कक्षा 5 तक पठनपाठन में गृह भाषा, मातृभाषा और क्षेत्रीय भाषा का प्रयोग किया जाएगा। बच्चों के सर्वांगीण विकास पर आधारित रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। पूर्व प्राथमिक से लेकर 12वीं कक्षा तक के शिक्षकों के चयन के लिए टीईटी को अनिवार्य किया जाएगा। शिक्षकों को अधिगम, मूल्यांकन, प्रोफेशनल डवलपमेंट, शैक्षिक नियोजन और उपस्थिति के लिए इन्फॉर्मेशन कम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाएगा।

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