पीसीएस की कॉपियों के मूल्यांकन में बदलाव हो
प्रयागराज : पीसीएस यानी सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा-2018 के परिणाम से असंतुष्ट अभ्यर्थी उप्र लोकसेवा आयोग की कार्यप्रणाली पर लगातार निशाना साध रहे हैं। आरोप है कि आयोग हंिदूी माध्यम के अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर पीसीएस-2018 की कॉपियों का पुनमरूल्यांकन की मांग की है।
हंिदूी और अंग्रेजी की कॉपियों का मूल्यांकन संबंधित विषय के विशेषज्ञ से कराने की मांग भी उठाई है। इसके लिए अभ्यर्थी सोशल मीडिया पर अभियान चला रहे हैं। यूपीपीएससी ने पीसीएस-2018 का अंतिम रिजल्ट 11 सितंबर को जारी किया था। इसमें टॉपर हरियाणा की आयी, जबकि परीक्षा में सफल होने वाले करीब 200 अभ्यर्थी दूसरे प्रदेशों थे। वे आयोग की कार्यप्रणाली में बदलाव की मांग कर रहे हैं। साथ ही क्षैतिज आरक्षण का लाभ केवल यूपी की महिलाओं को देने की मांग उठाई है।


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