लॉकडाउन में बच्चों की फीस माफी मामले को बीएसए के समक्ष उठाए याची : हाईकोर्ट
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने लॉकडाउन के दौरान प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधन को बच्चों की फीस व परिवहन शुल्क माफ करने के निर्देश देने के आग्रह वाली जनहित याचिका को सुनवाई के लिए ग्रहण करने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने याची को इस मामले को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) के समक्ष उठाने की छूट दी है।
न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल और न्यायामूर्ति दिनेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश सुनील कुमार त्रिपाठी की जनहित याचिका पर दिया। इसमें याची ने प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधन को यह निर्देश देने की गुजारिश की थी कि लॉकडाऊन के समय की स्कूली बच्चों की फीस व परिवहन शुल्क माफ कर दें। यह मामला गोंडा जिले से संबंधित था।
उधर, सरकारी वकील का कहना था कि गत 7 अप्रैल व 15 मई को राज्य सरकार ने शासनादेश जारी कर प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधन को पूरी फीस न वसूलने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत गोंडा के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने गत 4 मई को कार्यालय आदेश जारी कर प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधन को लॉकडाउन के समय की स्कूली बच्चों की फीस व परिवहन शुल्क न वसूलने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने कहा कि ऐसे में इस स्तर पर हम इस याचिका को ग्रहण नहीं करते हैं क्योंकि उक्त शासनादेश विद्यार्थियों के पक्ष में हैं और मामला पहले ही सक्षम प्राधिकारी के समक्ष है। ऐसे में मौका पड़ने पर याची प्राइवेट स्कूलों व इनके प्रबंधन के खिलाफ कारवाई की मांग जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के समक्ष कर सकता है। कोर्ट ने याची को यह छूट देने के साथ याचिका को निस्तारित कर दिया।


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