प्रयागराज : उप्र लोकसेवा आयोग ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा 2018 के प्रतियोगियों को बड़ी राहत दी है। पेपर लीक प्रकरण में फंसा हंिदूी व सामाजिक विज्ञान विषय का रिजल्ट जल्द जारी होगा। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की शुक्रवार को हुई बैठक में यह अहम निर्णय लिया गया।

आयोग अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार की अगुवाई में तय हुआ कि पेपर लीक के अभियुक्त व गवाहों को छोड़कर सबका परीक्षा परिणाम घोषित होगा। बैठक में वाराणसी एसएसपी की ओर से जांच की चार्जशीट दाखिल करने पर आयोग ने यह फैसला किया है। हंिदूी में 1433 व सामाजिक विज्ञान में 1854 पद हैं। इन पदों के लिए हंिदूी में 60 व सामाजिक विज्ञान में करीब 80 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
10768 पदों की थी शिक्षक भर्ती : योगी सरकार ने राजकीय कालेजों में एलटी ग्रेड शिक्षक चयन के लिए परीक्षा लिखित कराने का प्राविधान किया। 10768 पदों के लिए चार लाख से अधिक आवेदन हुए। 37 जिलों में 29 जुलाई 2018 को 15 विषयों की परीक्षा आयोजित कराई गई। परीक्षा के दौरान वाराणसी में हंिदूी व सामाजिक विज्ञान विषय का पेपर लीक हो गया था। वाराणसी एसटीएफ ने रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू की। कुल 32 गवाह व अभियुक्त हैं। छह अभ्यर्थियों में तीन की गिरफ्तारी हो सकी है।
संगीत विषय का था पहला परिणाम : आयोग ने अभ्यर्थियों का दबाव बढ़ने पर 13 मार्च 2019 को संगीत विषय का रिजल्ट घोषित किया। इसके बाद सात विषयों का रिजल्ट जारी हुए। उसी बीच 26 मई 2019 को उप्र लोकसेवा आयोग के सामने पेपर छापने वाली कोलकाता स्थित प्रिटिंग प्रेस के मालिक कौशिक कुमार कर को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया। फिर 28 मई 2019 की रात एसटीएफ ने आयोग आकर छानबीन शुरू की।
परीक्षा नियंत्रक की हुई गिरफ्तारी : आयोग की तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंजू कटियार को 30 मई को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया। इसके बाद जारी अभ्यर्थियों के शैक्षिक दस्तावेजों का सत्यापन रोका गया।
परीक्षा 2018: आयोग की बैठक में निर्णय, पेपर लीक प्रकरण में फंसा था रिजल्ट, दो साल से प्रतियोगी कर रहे थे इंतजार

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