एडेंड माध्यमिक कालेजों के लिए शिक्षक भर्ती का इंतजार खत्म ही नहीं हो रहा है। प्रदेश के साढ़े चार हजार से अधिक कालेजों में पदों का सत्यापन हो चुका है उसके बाद भी विज्ञापन अधर में है। कालेजों में प्रवक्ता, प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक चयन की यह भर्ती पदों के हिसाब से अब तक की सबसे बड़ी होने के कयास लग रहे हैं।
अशासकीय सहायताप्राप्त (एडेड ) माध्यमिक कालेजों में प्रधानाचार्य, प्रवक्ता और प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक चयन का उप्र माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड करता है। 2019 में चयन बोर्ड ने पहली बार जिला विद्यालय निरीक्षकों से आनलाइन अधियाचन (रिक्त पदों का ब्योरा) मांगा। जुलाई से सात अगस्त तक अधियाचन लिए गए। पदों की संख्या कालेजों में पढ़ रहे छात्र छात्राओं की संख्या के सापेक्ष काफी अधिक रही। पदों का सत्यापन कराने के लिए अलग-अलग टास्क फोर्स ने जांच की. चयन बोर्ड ने हाईकोर्ट में दास्खिल समय सारिणी भी दरकिनार कर दी। इसमें नया विज्ञापन अक्टूबर 2019 में, लिखित परीक्षा मई 2020 में, परीक्षा का परिणाम दिसंबर 2020 में व अंतिम चयन परिणाम सितंबर 2021 में देने का वादा हैं और विज्ञापन का इंतजार है। साक्षात्कार लटका है, इंटरव्यू कब शुरू होगा अभी तय नहीं है।
2013 की प्रधानाचार्य भर्ती लटकी : चयन बोर्ड की ओर से वर्ष 2013 में भी 634 पदों पर प्रधानाचार्य चयन के लिए आवेदन मांगे गए। इन पदों पर चयनित होने के लिए 1521 ने दावेदारी की। अभी तक आवेदनों की छंटनी चल रही है। इसलिए
2011 की भर्ती अधूरी
एडेड कालेजों में प्रधानाचायों के रिक्त 942 पदों के लिए वर्ष 2011 में भर्ती
निकाली गई थी। प्रदेश के सभी 16 मंडलों में पद खाली थे, अभ्यर्थियों से आवेदन
लेकर 31 जनवरी 2014 को साक्षात्कार शुरू कराए गए | लंबे समय तक यह
भर्ती कोर्ट में फंसी रही । अब तक दस मंडलों के परिणाम जारी हो चुके हैं।


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