लखनऊ : सेवाकाल के दौरान जान गंवाने वाले परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों के इंटर पास या इससे ऊपर की शैक्षिक योग्यता रखने वाले आश्रितों को तृतीय श्रेणी की नौकरी देने के बारे में बेसिक शिक्षा विभाग में गंभीरता से विचार मंथन हो रहा है। ऐसे मृतक आश्रित जो चतुर्थ श्रेणी की नौकरी पा चुके हैं, उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ.सतीश चंद्र द्विवेदी कहते हैं कि इंटर या उच्च शैक्षिक योग्यता रखने वाले मृतक आश्रितों को चपरासी बनाना उनके साथ नाइंसाफी है। इस मामले में विभाग में विसंगति है। यदि किसी जिले में तृतीय श्रेणी का पद रिक्त है तो वहां इंटरमीडिएट या इससे अधिक शैक्षिक योग्यता रखने वाले मृतक आश्रित को लिपिक पद पर नियुक्ति दी जाती है, लेकिन समान शैक्षिक योग्यता वाले मृतक आश्रित को दूसरे जिले में लिपिक की नौकरी इसलिए नहीं मिलती है, क्योंकि वहां पद खाली नहीं होता। इस विसंगति को दूर करने के लिए ऐसे लोगों को तृतीय श्रेणी की नौकरी अधिसंख्य पदों (यदि पद न भी सृजित हो तो भी) पर देने का इरादा है। मृतक आश्रितों के मामले में अन्य विभागों में यह व्यवस्था लागू है। विभाग के उच्चाधिकारियों को जल्द ही इस व्यवस्था को लागू करने का निर्देश दिया गया है।


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