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टीजीटी-पीजीटी 2021: आम प्रतियोगी व तदर्थ शिक्षकों का एक जैसा मूल्यांकन, पहली बार तदर्थ शिक्षकों को खुली भर्ती में शामिल होने का मौका

प्रयागराज : चयन बोर्ड ने पहली बार तदर्थ शिक्षकों को भी खुली भर्ती में शामिल होने का मौका दिया है। चयन का आधार लिखित परीक्षा है पहले आम प्रतियोगी व तदर्थ शिक्षकों के लिए प्रति प्रश्न अंक मिलने के नियम अलग थे। अब दोनों को प्रति प्रश्न समान रूप से अंक मिलेंगे। साथ ही तदर्थ शिक्षकों को वेटेज में झटका लगा है। उन्हें प्रतिवर्ष डेढ़ अंक व अधिकतम 30 अंक का वेटेज दिया जाएगा, जबकि पहले 35 अधिकतम अंक देने का प्रविधान था। परीक्षा में शामिल होने वाले तदर्थ शिक्षक उत्तीर्ण होने पर नियमित हो जाएंगे। फेल होने पर उनके स्थान पर आम प्रतियोगी का चयन हो सकेगा।

असल में, शीर्ष कोर्ट में संजय सिंह व अन्य बनाम उप्र शासन व अन्य में संबद्ध 16 अन्य सिविल अपील में 28 अगस्त 2020 को पारित आदेश के अनुपालन में तदर्थ शिक्षकों को अधिभार अंक दिया जा रहा है। ये वे शिक्षक हैं जो कोर्ट के आदेश पर चयन बोर्ड से शिक्षक आने तक कालेजों में तदर्थ आधार पर नियुक्त रहे हैं। 659 तदर्थ शिक्षकों का ही जिक्र है लेकिन यह संख्या हजारों में हो सकती है।

टीजीटी प्रतियोगी व तदर्थ शिक्षक : प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक चयन के लिए विषय पर आधारित सामान्य योग्यता की लिखित परीक्षा होगी। 500 अंकों के प्रश्नपत्र में 125 सवाल होंगे। हर प्रश्न चार अंक का रहेगा व दो घंटे में बहुविकल्पीय सभी प्रश्न करना अनिवार्य है।

पीजीटी प्रतियोगी व तदर्थ शिक्षक :

प्रवक्ता पद के चयन के लिए 425 अंकों की लिखित परीक्षा होगी। प्रश्नपत्र के 125 सवालों में 3.4 अंक मिलेंगे। दो घंटे में सभी बहुविकल्पीय प्रश्न करना अनिवार्य है। साक्षात्कार 50 अंक का और 25 अंक विशेष योग्यता का अधिभार मिलेगा। वहीं, तदर्थ शिक्षकों को 30 अंक का अधिभार साक्षात्कार के स्तर पर मिलेगा। साक्षात्कार में लिखित परीक्षा व अधिभार के अंक, जबकि चयन में लिखित परीक्षा के 85 फीसद अंक, साक्षात्कार के 10 फीसद व विशेष योग्यता के पांच प्रतिशत अंक जोड़े जाएंगे। सभी का पूर्णांक जोड़ 500 से अधिक नहीं होगा।

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