आॅॅनलाइन बैठक में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने दिए संकेत। जिलों को वर्तमान स्थिति का आंकलन करने के दिए निर्देश। दरअसल आगरा :- बेसिक शिक्षा परिषद के शहरी क्षेत्र स्थिति परिषदीय विद्यालयों में सालों से नियुक्ति नहीं हुई। नियुक्तियों से सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों को ही शिक्षक मिले हैं।

आगरा:- सालों से दूर-दराज के क्षेत्रों में नौकरी करके परेशान परिषदीय शिक्षकों को अच्छी खबर मिल सकती है। बेसिक शिक्षा परिषद जल्द ही उन्हें राहत देने के लिए जिले के अंदर सालों से बंद पड़ी स्थानांतरण प्रक्रिया को शुरू कर सकती है। फिलहाल शासन ने आॅॅनलाइन बैठक में जिलों को इस संबंध में जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं।
यह बैठक बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डा. सतीश चंद्र द्विवेदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ली। इसमें प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षाधिकारियों को उन्होंने पंचायत चुनाव के बाद जिले के अंदर शिक्षकों के स्थानांतरण व समायोजन की व्यवस्था पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
इसलिए है जरूरी
दरअसल बेसिक शिक्षा परिषद के शहरी क्षेत्र स्थिति परिषदीय विद्यालयों में सालों से नियुक्ति नहीं हुई। नियुक्तियों से सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों को ही शिक्षक मिले, लेकिन दूर-दराज होने के कारण शिक्षक वहां ज्यादा दिन नहीं टिके और जुगाड़ लगाकर पास के विद्यालयों से संबद्ध हो गए। हालांकि पिछले साल ही शासन ने संबद्धीकरण खत्म किया था। लेकिन शासन अब इस समस्या का स्थाई समाधान करने की तैयारी में हैं। इस प्रक्रिया के अमलीजामा पहनने से उम्मीद है कि शहरी क्षेत्र से शिक्षकों की भारी कमी दूर होगी।
विद्यालय आवंटन विसंगतियों पर ध्यान
शासन को तमाम शिकायतें मिली की 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में विद्यालय आवंटन में विद्यालय प्राथमिकता निर्धारण में विसंगति रही, जिस कारण तमाम शिक्षकों को अपने ब्लाक से अलग दूरदराज के क्षेत्रों में 50-60 किमी दूर तैनाती मिल गई, जिससे रोजाना उन्हें समय से विद्यालय पहुंचने में मुश्किल होती है। जनप्रतिनिधियों ने भी शिक्षकों की न्याय पंचायत या ब्लाक में तबादले या तैनाती की वकालत की है। लिहाजा इस पर भी नीति तैयार हो सकती है।

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