बलरामपुर के गौरा चौराहा थाना क्षेत्र के भोंदूराय पोखरा गांव में तिलकोत्सव के दौरान गोली चलने से भीम सिंह की मौत हो गई। गोलीकांड का कारण चुनाव में वोट डालने को लेकर विवाद बताया जा रहा है। मामले में नामजद तहरीर दी गई है।

बलरामपुर, जेएनएन। गौरा चौराहा थाना क्षेत्र के भोंदूराय पोखरा गांव में तिलकोत्सव के दौरान गोली चलने से भीम सिंह की मौत हो गई। गोलीकांड का कारण चुनाव में वोट डालने को लेकर विवाद बताया जा रहा है। मृतक की पत्नी बीनू सिंह व भतीजे साकेत सिंह ने पंकज सिंह उर्फ दीपू को नामजद करते हुए थाने में हत्या की तहरीर दी है।
बताया जाता है कि भीम सिंह मुंबई में रहकर कमाई करता था, जो कुछ दिन पहले गांव लौटकर आया था। शनिवार की रात गांव निवासी पट्टीदार रघुवर सिंह के लड़के सुनील सिंह का तिलक था। तिलक समारोह की खुशी के दौरान पंचायत चुनाव में वोट डालने को लेकर भीम सिंह व उसके पट्टीदार पंकज सिंह में विवाद हो गया। पंकज ने अवैध असलहा निकालकर पहले हर्ष फायरिंग के नाम पर हवा में गोली चलाई। इसके बाद असलहा सीधा कर दूसरी गोली भीम सिंह को मार दी। गोली चलते ही समारोह में भगदड़ व चीख पुकार मच गई। आनन-फानन में परिवार जन भीम सिंह को लेकर जिला अस्पताल अस्पताल की ओर दौड़े, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
घटना के बाद से पंकज सिंह व उसका पूरा परिवार गांव से फरार है। मृतक के चार बेटियां शालू, साक्षी, चाहत, क्षमा व एक बेटा सचिन है। भीम सिंह अपनी बड़ी बेटी शालू की शादी देखने के लिए मुंबई से आया था। उसके बूढ़े मां-बाप का रो रोकर हाल बेहाल हैं। प्रभारी निरीक्षक चंद्रेश कुमार का कहना है मामले की छानबीन की जा रही है।

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