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प्रयागराज:
कोरोना वायरस की दूसरी लहर जारी है। बेसिक शिक्षा विभाग के पांच दर्जन से अधिक शिक्षक कोविड-19 से संक्रमित हैं। इनमें से 40 से अधिक शिक्षक अपनी जान भी गंवा चुके हैं। कई लोगों का अब भी अस्पताल में इलाज चल रहा है या फिर वह घर में ही आइसोलेट होकर दवा ले रहे हैं। ऐसे शिक्षकों व उनके परिवार की मदद के लिए शिक्षक संगठनों ने आवाज उठाई है।
आल टीचर एंड इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन ने उठाई मांग
आल टीचर एंड इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेलवा) की बैठक जिला संयोजक अशोक कनौजिया की अध्यक्षता में हुई। संचालन जिला महामंत्री कमल सिंह ने किया। उन्होंने शिक्षकों की उपेक्षा पर नाराजगी जताई। कहा कि महामारी के दौर में शिक्षकों व कर्मचारियों की मदद के लिए विभाग को आगे आना चाहिए। शासन ने सहयोग के लिए इतने बंधन लगा रखे हैं कि उसका लाभ नहीं मिल रहा है। कई शिक्षक कोरोना संक्रमित हुए। उन्होंने जैसे तैसे इलाज कराया और कुछ दिन बाद उनकी जान भी चली गई। ऐसे में उन शिक्षकों के परिवार वालों के पास कोई कागजात न होने से किसी भी तरह का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित कुछ शिक्षक घर में ही रहे और एक दो दिन में ही काल कवलित हो गए। ऐसे शिक्षकों को भी शासन की किसी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। विभाग को इस संबंध में उचित कदम उठाना चाहिए।
अटेलवा के प्रदेश उपाध्यक्ष ने यह कहा
अटेलवा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. हरि प्रकाश यादव ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा। प्रयास होगा कि संगठन की ओर से पीडि़त शिक्षक परिवारों की मदद के लिए कुछ किया जाए। बैठक में प्रदेश प्रवक्ता उपेंद्र वर्मा ने भी विचार रखे। इस दौरान शिव चरण दास कन्हैया लाल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. लाल चंद पाठक के जल्द स्वस्थ होने की कामना की गई। वह पंचायत चुनाव के दौरान सेक्टर मजिस्ट्रेट के दायित्व का निर्वहन करते हुए कोरोना संक्रमित हो गए थे। उनका युनाइटेड मेडिसीटी में इलाज चल रहा है। अब तक छह लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। अब उनके परिवार के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। आगे के इलाज के लिए रुपये नहीं है। उनकी पत्नी ने पत्र लिखकर जिलाधिकारी से मदद की गुजार लगाई है।


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