लखनऊ:-
उत्तर प्रदेश के छात्र प्राथमिक शिक्षक भर्ती की मांग लगातार कर रहे हैं।छात्र सरकार से शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग कर रहे हैं।राज्य सरकार ने सुप्रीमकोर्ट में हलफनामा दाखिल किया था कि प्राथमिक शिक्षकों के 51 हज़ार से अधिक पद रिक्त हैं और जल्द ही भर्ती दी जाएगी एवम शिक्षा मित्रों को एक और मौका दिया जाएगा।आल बीटीसी वेलफेयर एशोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित कुमार ने कहा कि ये सरकार विज्ञापन जारी नहीं करना चाहती इसलिए अब धरने की तैयारी की जा रही है।अब छात्रों के द्वारा आंदोलन किया जाएगा।वहीं आकाश द्विवेदी ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग में पिछले 2 वर्षों से कोई नई भर्ती नही हुई है। जो 68500 और 69000 शिक्षकों की भर्ती हुई है, वह सुप्रीम कोर्ट से शिक्षामित्रों के समायोजन रद्द होने की वजह से हुई है।आरटीआई से प्राप्त डाटा के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में अब भी डेढ़ लाख से ज्यादा पद खाली हैं। बेसिक शिक्षा मंत्री ने एक इंटरव्यू में बताया था कि अंतिम वर्ष में हम भर्ती करेंगे, पर अभी अधियाचन तक नही भेजा गया,यह अत्यंत दुखद है,अब तो टेट को भी आजीवन कर दिया गया।अब प्रदेश के अंदर लगभग 25 लाख प्रशिक्षु डीएलएड, बीटीसी, शिक्षामित्र, बीएड बेरोज़गार है, जिन्हें प्रशिक्षण पूर्ण होते हुए भी रोज़गार की तलाश है।
उत्थान मंच के संस्थापक नायाब रिज़वी ने कहा कि सरकार जल्द से जल्द 97 हजार पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी करे नहीं तो प्रदेश के लगभग 10 लाख से ज्यादा प्रशिक्षु सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।वहीं बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन के तुषार शुक्ला का कहना है कि सरकार अगर हमारी मांग को पूरी नहीं करती है तो बहुत बड़े स्तर पर आंदोलन सड़कों पर किया जाएगा। वहीं दुर्गेश सिंह का कहना है कि सरकार जल्द से जल्द 1 लाख पदों पर विज्ञापन जारी करे वरना इसका असर सड़को पर दिखाई देगा। सरकार को छात्रो के मुद्दे को संज्ञान में लेकर जल्द से जल्द विज्ञापन जारी कर देना चाहिए।


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