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नेशनल पेंशन स्कीम में रुझान तेजी से बढ़ा

कोरोना काल में पेंशन स्कीम की महत्व तेजी से बढ़ा है। इसका कारण यह कि ऐसी कोविड ने भविष्य की जरूरतों के लिए बचत के महत्व से सभी को अवगत करा दिया है।

इसी को देखते हुए लोगों में अपने भविष्य को बचाने की चिंता काफी बढ़ गई है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड/ डेवलपमेंट (पीएफआरडीए) की ओर से जारी आंकड़ों से साफ पता चलता है कि लोगों में अपने भविष्य को सुरक्षित करने का रुझान तेजी से बढ़ा पीएफआरडीए की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) और अटल पेंशन योजना के प्रबंधन के तहत संयुक्त संपत्ति (एयूएम) 31 जून 2021 तक 29.88% बढ़ी है। इस तरह इसके तहत प्रबंधित संपत्ति 6.27 खरब रुपये हो गई है। यह गणना सालाना आधार पर की गई है। पिछले साल 31 जून, 2020 में संयुक्त एयूएम 4.8.3 खर्च रुपये थीं। इस दौरान एनपीएस निवेशकों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। जुलाई 2021 में कुल एनपीएस निवेशकों की संख्या 4.42 करोड़ थी जो पिछले वर्ष के दौरान 3.57 करोड़ थी। वानी सालाना आधार पर 23.79% की वृद्धि हुई है।

वर्ष 2004 में लॉन्च किया गया था

एनपीएस को पहली बार 1 जनवरी 2004 को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए लॉन्च किया गया था। बाद में सभी राज्य सरकारों ने अपने कर्मचारियों के लिए इसे अपनाया था एनपीएस उन सरकारी कर्मचारियों के लिए जरूरी है जो 2004 के बाद सेवा में शामिल हुए थे और इसे 2009 में निजी क्षेत्र के लिए खोल दिया गया। बाजार से जुड़े होने और लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न के ट्रैड रिकॉर्ड को देखते हुए इसमें निवेशकों का रुझान तेजी से बढ़ा है।

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