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बाबूगिरी नहीं, पढ़ाने के लिए हैं शिक्षक

महोबा। परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए यूनिफार्म, बैग, स्वेटर और जूते-मोजे की धनराशि सीधे बैंक खातों में भेजने संबंधी डाटा फीडिंग से शिक्षकों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। बिना संसाधन दिए डाटा फीडिंग कराए जाने का विरोध करते हुए शिक्षकों ने सोमवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन किया। कहा कि शिक्षक बाबूगिरी के लिए नहीं पढ़ाने के लिए हैं।
उत्तर प्रदेशीय पूर्व माध्यमिक (जूनियर हाईस्कूल) शिक्षक संघ के बैनर तले आयोजित इस धरना-प्रदर्शन में बेसिक शिक्षा अधिकारी सूर्यभान को महानिदेशक स्कूल शिक्षा को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। संघ के जिला अध्यक्ष नवीन कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में पढ़ने वाले प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र- छात्राओं को विभाग द्वारा निशुल्क ड्रेस, जूता-मोजा, स्वेटर और बैग वितरित किए जाते हैं। अब इन सभी की धनराशि अब छात्र छात्राओं के अभिभावकों के बैंक खाते में भेजने का निर्णय विभाग द्वारा लिया गया है। विभाग का यह कार्य ठीक है, लेकिन इसके लिए जरूरी डाटा फीडिंग कराने, अभिभावकों के बैंक खातों से आधार लिंक कराने, बंद या निष्क्रिय बैंक खातों को चालू कराने आदि की जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों द्वारा शिक्षकों पर थोप दी गई है। वहीं डाटा फीडिंग आदि के लिए कोई स्मार्ट डिवाइस उपलब्ध नहीं कराया गया है और न ही उपयुक्त प्रशिक्षण दिया गया है। जिससे शिक्षक परेशान हैं। जिला महामंत्री राजीव कुमार तिवारी ने कहा कि प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पूरे प्रदेश में क्रमबद्ध तरीके से यह आंदोलन चलाया जा रहा है।

इस दौरान शिक्षक ज्योति प्रकाश तिवारी, जयशंकर त्रिवेदी, बेबी परबीन, रामशंकर, नारायणदास, प्रमोद गोस्वामी, संदीप सिंह, अनूप द्विवेदी, देवेंद्र चतुर्वेदी, ओमप्रकाश दीक्षित समेत तमाम शिक्षक मौजूद रहे।

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