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यूनिफार्म घोटाले की जांच करने पहुंची पुलिस, एक साल बाद आई याद, सील कमरे की चाबी नहीं मिली

कन्नौज। कोतवाली पुलिस को एक साल बाद यूनिफार्म घोटाले की याद आई। वह शुक्रवार को जांच करने बीएसए कार्यालय पहुंची। बीईओ और विवेचक एसडीएम और बीएसए कार्यालय का चक्कर लगाते रहे। चाबी नहीं मिली।

सदर कोतवाली के विवेचक सुरेंद्र सिंह शुक्रवार को बीएसए कार्यालय पहुंचे। यहां बीएसए से शिवाय गार्डेन में सील यूनिफार्म के सैंपल लेने के लिए चाबी मांगी। बीएसए संगीता सिंह ने बताया कि एसडीएम, सीओ और बीएसए की मौजूदगी में यूनिफार्म को शिवाय गार्डेन के दो कमरों में सील किया गया था। चाबी किसके पास है, यह बीएसए कार्यालय का कोई कर्मचारी नहीं बता पाया। बीएसए ने बीईओ सदर शिव सिंह को ताला खोलने के लिए अधिकृत कर दिया। विवेचक और बीईओ एसडीएम कार्यालय में चक्कर लगाते रहे, चाबी नहीं मिली।
पूर्व बीएसए केके ओझा ने 23 अक्टूबर 2020 को सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके मुताबिक 28 सितंबर को तिर्वा रोड स्थित शरीफापुर के शिवाय गार्डन (मैरिज हाल) में भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत समेत कई पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने 341 बंडल बरामद किए थे। इन बंडलों में परिषदीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं की रद्दी कपड़े की यूनिफार्म और कपड़े थे। 19 अन्य बंडलों में रील, बटन व कालर आदि सामग्री थी। बीएसए ने उसी दिन रात में बरामद माल को दो कमरों में सील करा दिया था। डीएम राकेश मिश्र के आदेश पर मामले की जांच सीडीओ आरएन सिंह, एसडीएम सदर गौरव शुक्ल व जिला समाज कल्याण अधिकारी अंजनी कुमार ने की थी।

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