लखनऊ : प्रदेश में जल्द बिना सुई के लगाए जाने वाले जाइडस कैडिला के टीके जाइकोव-डी की खुराक लोगों को दी जाएगी। इस टीके को लगाने पर दर्द नहीं होता। इस वैक्सीन को पहले चरण में यूपी में 14 जिलों में लगाया जाएगा। यह टीका भी मुफ्त लगाया जाएगा। इसके साथ ही अब प्रदेश में कोरोना से बचाव के लिए चार तरह के टीके उपलब्ध होंगे। अभी कोवैक्सीन, कोविशील्ड और स्पूतनिक के टीके लगाए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के महाप्रबंधक, टीकाकरण एवं मातृ स्वास्थ्य डा. मनोज शुक्ल के अनुसार पहले चरण में जिन 14 जिलों में यह वैक्सीन लगाई जाएगी उसमें लखनऊ, आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, आजमगढ़, बरेली, गाजियाबाद, गोरखपुर, कानपुर, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर और वाराणसी शामिल है।
जाइडस कैडिला की जाइकोव-डी वैक्सीन तीन-तीन डोज वाली होती है। इसे 28-28 दिनों के अंतराल पर लगाया जाता है। बिना सुई के एप्लीकेटर द्वारा फार्माजेट तकनीक से इस टीके के लगने से दर्द नहीं होता। फिलहाल केंद्र की ओर से करीब 12 लाख से अधिक टीके की पहली खेप मिलने की उम्मीद है। इसे 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को लगाया जाएगा।
कोरोना से बचाव के लिए 1.40 करोड़ किशोरों को लगेंगे टीके (1.40 crore teenagers will be vaccinated to protect against corona)
लखनऊ : प्रदेश में कोरोना से बचाव के लिए 15 वर्ष से 18 वर्ष तक के 1.40 करोड़ किशोरों को टीके लगाए जाएंगे। तीन जनवरी से किशोरों को वैक्सीन लगाए जाने की शुरुआत होगी। साथ ही 1.87 करोड़ बुजुर्गाें में से बीमार बुजुर्गों को 10 जनवरी से सतर्कता डोज लगाई जाएगी। साथ ही 20 लाख हेल्थ केयर व फ्रंटलाइन वर्करों को प्रिकाशन (सतर्कता) डोज लगाई जाएगी।
राज्य टीकाकरण अधिकारी डा. अजय घई ने बताया कि 15 वर्ष से लेकर 18 वर्ष तक की उम्र के किशोरों का डाटा तैयार कर लिया गया है। केंद्र से विस्तृत गाइड लाइन मिलते ही टीकाकरण सत्र भी तय कर दिए जाएंगे। प्रदेश में अभी 18 वर्ष से अधिक उम्र के कुल 14.74 करोड़ लोगों को टीके लगाए जा रहे हैं। अभी तक 12.58 करोड़ लोगों ने टीके की पहली और इसमें से सात करोड़ लोगों ने दोनों डोज लगवा ली है। वहीं, अब तक टीका न लगवाने वाले 2.16 करोड़ लोगों को अभियान चलाकर बुलाया जा रहा है।

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