बुलंदशहर। Basic education department के स्कूलों में बच्चों को डीबीटी के तहत राशि दी जा रही है। अब शासन ने 30 हजार ऐसे बच्चों का डाटा भेजा है, जिनकी उम्र और नाम व अन्य प्रक्रिया में गड़बड़ी पाई गई है। सबसे ज्यादा गड़बड़झाला बच्चों की उम्र में दिख रहा है। डाटा आने के बाद शासन ने इन बच्चों के सत्यापन के आदेश दिए हैं। शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों के नाम, अभिभावक एवं उनकी उम्र का सत्यापन कर फिर से रिपोर्ट देंगे। स्कूल में एक अभिभावक के कितने बच्चे पढ़ रहे हैं, इसकी भी जांच होगी। शासन द्वारा परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते-मौजे, बैग के लिए 1100-1100 रुपये दे रहा है। यह राशि अभिभावकों के खातों में पहुंच रही है।
अभी तक 2.10 लाख खातों में पहुंची राशि (Amount reached in 2.10 lakh accounts so far)
शासन द्वारा 2.10 लाख बच्चों के अभिभावकों के खातों में राशि भेज दी है। बताया गया कि इस राशि से अधिकांश अभिभावकों ने बच्चों को सामान दिला दिया है। शासन द्वारा बच्चों के फोटो भी मांगे गए हैं। अफसरों के अनुसार एक स्कूल से 15-15 बच्चों के फोटो भेजे जा रहे हैं। शासन द्वारा राशि की पूरी जांच की जा रही है। विभाग अभिभावकों से भी रिपोर्ट ले रहा है।
60 हजार बच्चों के डाटा में होगा सुधार (Data of 60 thousand children will be improved)
जिले में अब 60 हजार बच्चों के डाटा में सुधार होगा। पहले से ही करीब 30 हजार खातों में सुधार कार्य चल रहा है। यह खाते आधार से लिंक नहीं हैं। अब 30 हजार से अधिक बच्चों के फिर से सत्यापन के आदेश आ गए हैं। शासन ने इन बच्चों का डाटा संदिग्धता की श्रेणी में रखा है। शिक्षकों द्वारा तेजी से डाटा को सुधारा जा रहा है।
Basic Education Officer अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि शासन से 30 हजार बच्चों के डाटा में गड़बड़ी होने पर इसकी सूची मिल गई है। इन बच्चों का सत्यापन कराया जा रहा है। सुधार के बाद डीबीटी पोर्टल पर बच्चों का डाटा अपलोड भी किया जा रहा है। इसी माह बच्चों के खातों में राशि आ जाएगी।

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