प्राइमरी स्कूलों में प्री-प्राइमरी व कक्षा एक से तीन तक मूलभूत साक्षरता व संख्या ज्ञान प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2026-27 तक ये लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा।
इसके लिए राज्य सरकारने 'मिशन प्रेरणा फेज-2 निपुण भारत मिशन' ('Mission Prerna Phase-2 Nipun Bharat Mission') शुरू करने का निर्णय लिया है। बेसिक शिक्षा विभाग (Basic education department) के प्रमुख सचिव दीपक कुमार ने आदेश जारी कर दिया है। इसके क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इसके तहत प्री-प्राइमरी से कक्षा तीन तक पढ़ने-लिखने और संख्या ज्ञान में grade level की योग्यता पाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें भाषा के लिए विभिन्न कक्षाओं के लिए मानक तय किए गए हैं। मसलन, कक्षा तीन में अर्थ के साथ शब्द को पढ़ना, न्यूनतम 60 शब्द प्रति मिनट प्रवाह के साथ पढ़ लेने का लक्ष्य तय किया गया है।
इसी तरह गणित में 9999 तक की संख्याओं को पढ़ने-लिखने और सरल गुणा की समस्याओं को हल कर लें। अब मिशन प्रेरणा के पुराने मानकों को रद्द कर दिया गया है। इसमें grade competition हासिल करने के बाद प्रेरक विद्यालय घोषित किया जाएगा। इसी तरह प्रेरक विकासखण्ड के रूप में घोषित किया जाएगा। इसी तरह निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरक जिला घोषित किया जाएगा। इसके लिए NCERT ने कक्षा एक के विद्याथियों के लिए तीन महीने के लिए खेल आधारित स्कूल तैयारी module व NCERT द्वारा विकसित तैयारी मॉड्यूल को लागू किया जाएगा। इसके लिए मुख्य सचिव के अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा।


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