Principal recruitment on 630 posts of 2013 getting confused
प्रयागराज : आठ साल से अटकी 630 पदों की प्रधानाचार्य भर्ती उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के गले में अटक गई है। अभ्यर्थी चयन बोर्ड की बेवजह की लेटलतीफी से परेशान हैं तो चयन बोर्ड हाई कोर्ट में फरवरी में होने वाली सुनवाई के लिए जवाब तलाश रहा है। जवाब इसलिए, क्योंकि साक्षात्कार पूरा करा लेने के दावे वाले हलफनामे की तिथि 31 जनवरी तक चयन बोर्ड इसे शुरू भी नहीं करा पाया। चयन बोर्ड ने 630 पदों के लिए प्रधानाचार्य भर्ती 2013 में निकाली थी। इसके लिए आफलाइन आवेदन लिए गए थे।
इसमें करीब 25,000 आवेदन चयन बोर्ड को प्राप्त हुए। इसके बाद आठ साल से यह भर्ती बिना किसी कारण के ठप पड़ी रही। ऐसे में निराश कुछ अभ्यर्थियों ने जल्दी भर्ती कराने की मांग को लेकर हाई कोर्ट में याचिका लगाई। सुनवाई शुरू हुई तो मजबूरी में चयन बोर्ड ने कोर्ट से समय मांग लिया। समय मिलने पर भी भर्ती शुरू नहीं हुई। अवमानना की स्थिति बनने पर समय मांगते हुए चयन बोर्ड ने 31 जनवरी तक साक्षात्कार पूरा कराने का हलफनामा कोर्ट में दिया, लेकिन यह तिथि आने तक भी नतीजा गोलमोल ही है। आवेदक व राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रांतीय मंत्री संतोष शुक्ल ने कहा है कि चयन बोर्ड भर्ती को लटका रहा है। चयन बोर्ड ने भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए इतना जरूर किया कि एक जनवरी को आवेदन पत्रों को आनलाइन कराकर आठ जनवरी तक अभ्यर्थियों से आनलाइन सत्यापन कर आवेदन पत्र लाक करने को कहा। यहां आवेदन पत्रों को आनलाइन कराने के लिए सही एजेंसी के चयन में बोर्ड चूक गया। नतीजा यह हुआ कि जब तक साक्षात्कार पूरा करा लेने का दावा चयन बोर्ड ने किया था, तब तक आवेदन पत्रों में हुई त्रुटियों को ही ठीक करने का काम चल रहा है। चयन बोर्ड के सचिव नवल किशोर के मुताबिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। आवेदन पत्र आनलाइन करने में त्रुटि से प्रक्रिया प्रभावित हुई है। फरवरी में साक्षात्कार शुरू कराया जा सके।

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