Wonderful: Voting on one side and Kanyadan on the other, both rituals will be performed like this, a dire situation standing in front of Shikshamitra
बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों व शिक्षामित्रों के सामने विकट परिस्थितियां खड़ी हाे गई है। ये विषम स्थिति प्रशासन की ओर से चुनाव ड्यूटी लगाने के दौरान पनपी हैं सरकारी स्कूल के शिक्षामित्र की चुनाव ड्यूटी दस फरवरी को लगी है और इसी दिन उनके बेटे की शादी भी है। ऐसे में ड्यूटी न कटने से दुल्हन के पिता कन्यादान तो दूल्हे के पिता कराएं मतदान वाली स्थिति बन रही हैं।
अलीगढ़़ में 10 फरवरी को मतदान (Polling in Aligarh on February 10)
प्राथमिक विद्यालय दीनापुर बिजौली में शिक्षामित्र दिनेश सिंह ने बताया कि उनके बेटे देवेश की शादी 10 फरवरी को होनी तय हुई है। इसी दिन उनकी ड्यूटी चुनाव कार्य में लगी है। इसका प्रमाण देते हुए उन्होंने ड्यूटी कटवाने का आवेदन भी किया लेकिन उनकी ड्यूटी अभी तक नहीं काटी गईं है। अगर वे ड्यूटी पत्र न स्वीकार करें तो उनका मानदेय रुकने का खतरा मंडराएगा। ड्यूटी पत्र लिए हैं तो ड्यूटी न कटने से शादी के काम-काज में मन लगाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने उत्तरप्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के पदाधिकारियों से गुहार भी लगाई है। संघ के जिलाध्यक्ष डा. प्रशांत शर्मा ने बताया कि इस संबंध में प्रशासन से वार्ता की गई है। प्रमाण के तौर पर शादी का कार्ड व ड्यूटी कटने का प्रार्थना-पत्र फिर से दिया गया है। शिक्षामित्र दिनेश ही नहीं सभी वाजिब दिक्कतों से पीड़ित शिक्षकों की ड्यूटी हटवाई जाएगी।

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