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PRIMARY KA MASTER: अब चाइल्ड ट्रेकिंग सिस्टम से बेसिक के छात्रों पर रहेगी सरकार की नजर

बलरामपुर। जिले के बेसिक शिक्षा वाले 1811 विद्यालयों में पढ़ने वाले 2.97 लाख छात्रों पर चाइल्ड ट्रेकिंग सिस्टम से नजर रखने की योजना तैयार की गई है। पढ़ाई के साथ ही बीच में ही विद्यालय छोड़ने वाले छात्रों की मॉनीटरिंग की जाएगी। बेसिक शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में 27 सदस्यीय कोर कमेटी गठित की गई है। जिसमें प्रदेश के छह एडी बेसिक, 10 बीएसए, तीन प्रवक्ता व आठ शिक्षक शामिल होंगे।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत छह से 14 वर्ष तक के नामांकित छात्रों के लिए लागू होने वाले चाइल्ड ट्रेकिंग सिस्टम (सीटीएस) की मदद से न सिर्फ बच्चों की प्रगति पर नजर रखी जाएगी बल्कि बीच में पढ़ाई छोड़ने वालों का भी पता चल सकेगा। योजना लागू होने पर बेसिक शिक्षा विभाग के 1811 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों में पढ़ने वाले 2.97 लाख छात्र-छात्राओं के भविष्य का संवारने का सुनहरा मौका मिलेगा। बेसिक शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में 24 सदस्यीय कोर कमेटी गठित कर दी गई है। चाइल्ड ट्रेकिंग सिस्टम से जिले के सभी प्रधानाध्यापकों व सहायक अध्यापकों को पता चलेगा कि छात्र स्कूल से बाहर क्यों है। इसका आकलन कर उपचारात्मक शिक्षण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सभी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की संख्या सर्व शिक्षा अभियान के एकीकृत सूचना प्रणाली में फीड की जाती रही हैं लेकिन सरकारी स्कूलों के साथ मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों व मदरसों में अक्सर छात्रों के फर्जी नामांकन की शिकायतें मिलती हैं।

नई व्यवस्था के तहत नामांकन में होने वाले फर्जीवाड़े पर अंकुश भी लग सकेगा। सदर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय धुसाह की प्रधानाध्यापिका प्रतिमा सिंह ने बताया कि बीते दिन निदेशक की अध्यक्षता वाली बैठक में प्रदेश के छह एडी बेसिक, 10 बीएसए, डायट के तीन प्रवक्ता व आठ शिक्षकों को शामिल कर प्रदेश स्तरीय कोर कमेटी का गठन किया गया। कोर कमेटी के माध्यम से प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा वाले स्कूलों में लर्निंग आउटकम आधारित चाइल्ड ट्रेकिंग सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया गया। चाइल्ड ट्रेकिंग सिस्टम लागू होने से पढ़ाई के साथ बीच में विद्यालय छोड़ने वाले विद्यार्थियों की निगरानी होगी। 

शिक्षा की गुणवत्ता में होगा सुधार

प्रदेश स्तर पर गठित चाइल्ड ट्रेकिंग सिस्टम लागू होने से सभी विद्यालयों के शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। सभी विद्यालयों में नामांकित छात्रों के लिए लागू होने वाले चाइल्ड ट्रेकिंग सिस्टम से एक से दूसरे कक्षा में हुई प्रगति पर भी नजर रखी जाएगी। बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों का पता लग सकेगा। नई व्यवस्था के तहत नामांकन में होने वाले फर्जीवाड़े पर अंकुश भी लग सकेगा। डॉ. रामचंद्र, बीएसए

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