बदायूं। बृहस्पतिवार को जब सरकारी और प्राइवेट स्कूल पूरी तरह खुले तो बच्चों के पहुंचने से रौनक दिखाई दी। पहले दिन अपेक्षाकृत संख्या कम रही पर बच्चे कई दिन बाद साथियों से मिले तो खूब मस्ती की। खास बात ये रही कि कई बच्चों को परिवार के लोग रोती हुई हालत में स्कूल छोड़ गए तो तमाम बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक सिर पकड़कर बैठ गए, क्योंकि बच्चे लंबी छुट्टी में सामान्य जोड़ घटाना भी भूल गए।
कोरोना की वजह से काफी समय से स्कूल लगातार बंद रहे थे। ऐसे में बच्चों की सीखने की क्षमता पर काफी असर पड़ा है। हालात ये हैं कि अधिकतर बच्चे ऑनलाइन कक्षाओं में कुछ नया सीखने की बजाय अपनी पिछली कक्षाओं में जो सीखा था उसे भी भूल गए हैं। शिक्षकों के अनुसार इसकी मुख्य वजह छात्र-छात्राओं का अध्यापकों से सीधा संवाद न होना है। क्योंकि कहीं पर नेट की दिक्कत तो कहीं पर परिवार में एक ही मोबाइल होने की परेशानी के चलते ऑनलाइन कक्षाएं प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पाईं।
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