The teacher locked the main gate by imprisoning the vaccination team inside, created a stir
मंझनपुर। सदर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय बरलहा में बुधवार को सहायक अध्यापिका ने वैक्सीनेशन टीम को अंदर कैद कर मुख्य गेट का ताला बंद कर घर चली गईं है। टीम ने इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों से की तो हड़कंप मचा है। पुलिस ने पहुंचकर शिक्षामित्र से गेट खुलवाया तो टीम बाहर निकली। जांच में पता चला कि इसके पहले दो बार सहायक शिक्षिका वैक्सीनेशन टीम से बदसलूकी कर चुकी हैं।
सदर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय में तीसरी बार वैक्सीनेशन के लिए कैंप लगाया गया। इसमें किशोर के अलावा अन्य लोगों को टीका लगना था। एएनएम मीना यादव, बल्ड बैंक के कर्मचारी वीरेंद्र सिंह और आशा की ड्यूटी लगाई गई थी। वैक्सीनेशन कैंप नौ बजे से चार बजे तक चलना था। टीम अपने समय पर पहुंची और स्कूल परिसर के अंदर एक कमरे में कैंप लगाकर लोगों को टीका लगाना शुरू किया। प्राथमिक विद्यालय तीन बजे बंद होता है। सहायक शिक्षिका सुनीता मौर्या ने बिना वैक्सीनेशन टीम से बातचीत किए स्कूल का मेन गेट तीन बजे बंद करके चली गईं। चार बजे वैक्सीनेशन का समय खत्म होने पर टीम बाहर आई तो पता चला कि मेन गेट बंद है। टीम बाहर नहीं निकल पा रही थी। जानकारी पीएचसी मंझनपुर के प्रभारी डॉ. अरुण पटेल को दी गई। उन्होंने अपने उच्चाधिकारियों से बातचीत की। इस दौरान संबन्धित अधिकारियों से बातचीत करने के दौरान कुछ सामंजस्य गड़बड़ाया तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नाराज हो गए और पूरे मामले की जानकारी डीजी हेल्थ और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को भेज दी। इसके बाद हड़कंप मचा। एएसपी समर बहादुर के निर्देश पर करारी थाना की पुलिस सक्रिय हुई। वह स्कूल पहुंची तो पता चला कि ताला बाहर से बन्द है। शिक्षामित्र को बुलवाकर ताला खुलवाया गया तो गेट खुला और टीम बाहर आई। सहायक अध्यापिका की इस हरकत से स्वास्थ्य कर्मी खफा हैं। मामले में कार्रवाई की मांग की गई है। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि सहायक अध्यापिका इसके पहले वैक्सीनेशन टीम से दो बार बदसलूकी कर चुकी हैं। उन्होंने यहां तक कहा है कि यहां कैंप न लगाएं, कोई दूसरा स्कूल तलाश लें।
बोले अफसर (Said officer)
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिली सूचना के आधार पर पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। बेसिक शिक्षा विभाग से इसकी विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई हैं।
सुजीत कुमार-डीएम
उल्टे सीधे जवाब देकर अफसरों ने बिगाड़ा मामला (The officers spoiled the matter by giving a direct reply)
प्राथमिक विद्यालय बरलहा में वैक्सीनेशन टीम के कैद होने की जानकारी होने पर स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बीएसए को फोन लगाने के बजाय शिक्षा विभाग के दूसरे अधिकारी को फोन कर दिया था। अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय बेतुका जवाब दिया। इससे फोन करने वाले अधिकारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला लाया। इसके बाद इस पूरे मामले को लेकर हड़कंप मचा।


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