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डीसीएफ में सही विवरण भरें परिषदीय स्कूलों के प्रधानाध्यापक, वरना भारी पड़ती है भूल...

हरदोई। डाटा कैप्चर फार्मेट (डीसीएफ) भरते समय कई बार स्कूलों मेें नामांकन का आंकड़ा गलती से जीरो हो जाता है तो कभी शिक्षक होते हुए भी बिना शिक्षक स्कूल चलने की जानकारी फीड हो जाती है।
कई बार गलत सूचनाएं प्रदेश में जिले की रैंकिंग भी प्रभावित करती हैं। ऐसी गलतियां न हों, इसके लिए बुधवार को जिले भर के संकुल शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। बीएसए वीपी सिंह र्व एमआईएस प्रभारी शैलेंद्र कुमार ने विद्यालयों व ब्लॉक स्तर पर डाटा कैप्चर फार्मेट भरने व जांचने के लिए प्रशिक्षण दिया।

शहर के रसखान प्रेक्षागृह में यू-डायस (यूनीफाइड डिस्ट्रिक्ट इनफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजूकेशन) के तहत 900 संकुल शिक्षकों को डीसीएफ भरने का प्रशिक्षण दिया गया।

इसमें परिषदीय स्कूलों, माध्यमिक स्कूलों, राजकीय स्कूलों, मान्यता प्राप्त विद्यालयों, केंद्रीय विद्यालय, बालिका विद्यालयों, जनजाति व समाज कल्याण विभाग से संचालित विद्यालयों, सभी बोर्ड व प्रबंधन के विद्यालयों की सूचनाओं को डीसीएफ पर बिना गलती भरे जाने के लिए बिंदुवार जानकारी दी गई।

डीसीएफ भरते समय जिस तरह की गलतियों की संभावना होती है उन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण में डीसी प्रशिक्षण राकेश कुमार शुक्ला, डीसी निर्माण बृजभूषण, डीसी समेकित शिक्षा आशा वर्मा, एआरपी अभय, डीसी एमआईएस राहुल मौजूद रहे।

44 बिंदु् होंगे चेक प्वाइंट

प्रशिक्षण में 44 बिंदुओं को चेक प्वाइंट के रूप में रखा गया। इनमें प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल में अनुदेशात्मक दिवस, स्कूल का माध्यम, स्कूल के बाहर प्रशिक्षण, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में खेल सामग्री, भवन की स्थिति, बाउंड्रीवाल, क्लासरूम की संख्या, जर्जर क्लासरूम, शौचालय की स्थिति, पेयजल, खाने के बाद हाथ धुलवाने की व्यवस्था, लाइब्रेरी, मैदान, नामांकन की संख्या, टीचर्स की संख्या, आरटीई के तहत एडमिशन हैं या नहीं, बिना छात्र नामांकन वाले स्कूल, बिना शिक्षक वाले स्कूलों का विवरण भरा जाना है।

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