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स्कूल बंद होने तक रखना होगा मिड-डे-मील का नमूना, हर माह जिले के 10 स्कूलों के एमडीएम के नमूने की प्रयोगशाला में होगी जांच

गोंडा। परिषदीय स्कूलों में मिड-डे-मील को अब नई व्यवस्था लागू की गई है। | जिसमें अब बच्चों को भोजन कराने के लिए बनाए गए खाना का नमूना स्कूल बंद होने तक रखना होगा। जिससे किसी भी प्रकार की स्थिति पर नमूने का प्रयोग हो सके हर माह जिले के 10 स्कूलों के एमडीएम के नमूने की जांच प्रयोगशाला से कराई जाएगी। शुक्रवार को बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने खंड शिक्षा अधिकारियों कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

स्कूलों में प्रधानमंत्री पोषण योजना (मिडडे मील) से बच्चों को दिए जाने वाले खाने की गुणवत्ता पर विशेष नजर रहेगी। इसके लिए अब स्कूल के बंद होने तक नमूना सुरक्षित रखा जायेगा।

हर महीने जिले के कम से कम 10 स्कूलों के किचन या एनजीओ के किचन से नमूने लेकर खाद्य सुरक्षा प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी। खाने को रोस्टर के मुताबिक कम से कम दो वयस्क व्यक्तियों (अध्यापक/अध्यापिका / रसोइया / विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य/ मां समूह) के भोजन को चखने के उपरांत गुणवत्ता संतोषजनक होने पर ही बच्चों को वितरित कराया जायेगा।

विद्यालय स्तर पर भोजन चखने के लिए दिवस बार रोस्टर तैयार किया जाएगा और इसमें रोज भोजन चखने वाले व्यक्ति का नाम एवं पदनाम अंकित किया जाएगा। इसका लेखा जोखा प्रधानाध्यापक को रखना होगा।


जिले के 2611 स्कूलों में हर दिन पांच हजार से अधिक लोग भोजने चखेंगे। विद्यालय में डायनिंग शेड उपलब्ध न होने की स्थिति में बच्चों को स्वच्छ एवं साफ- सुधरे स्थान पर चटाई पर पंक्तिबद्ध रूप से उचित दूरी पर बैठाकर सौहार्द्ध पूर्ण वातावरण में भोजन परोसा जाय। स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाना है।

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