लखनऊ।
Director general of school education विजय किरन आनंद ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) की निगरानी और सख्त करने के निर्देश दिए हैं। विद्यालयों में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के Principal and Divisional Assistant Director (एडी) हर माह निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखेंगे। अधिकारी विद्यालय में 15 दिन से अधिक समय से अनुपस्थित छात्राओं के परिजनों से बात कर कारण भी जानेंगे।
प्रदेश के 746 KGBV में गरीब और अनुसूचित जाति की बेटियों को मुफ्त शिक्षा के साथ आवास की सुविधा दी जाती है। कुछ विद्यालय कक्षा 12 तक उच्चीकृत किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों में bogus teachers की नियुक्ति समेत अन्य गड़बड़ियां सामने आने पर महानिदेशक ने डायट प्राचार्य को सप्ताह में एक और महीने में चार विद्यालयों के निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। डायट की टीम हर महीने जिले के सभी KGBV और डायट के वरिष्ठ प्रवक्ता, प्रवक्ता और मेंटर्स अपने ब्लॉक के विद्यालयों का महीने में दो बार औचक निरीक्षण करेंगे। हर महीने में महिला कर्मचारियों की टीम रात में निरीक्षण करेगी।
मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक को हर माह अपने मंडल के अंतर्गत जिले के न्यूनतम दो विद्यालयों की व्यवस्थाएं परखनी होंगी। छात्रावास, किचन, स्टोर समेत छात्राओं के food,stationery,clothing,sanitary pad समेत अन्य वस्तुओं की भी जांच की जाएगी। किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर डीएम को सूचना देनी होगी। कक्षा 12 तक उच्चीकृत किए जा रहे कुछ केजीबीवी में हॉस्टल और academic block के निर्माण की गुणवत्ता भी देखने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण की रिपोर्ट हर महीने की 25 तारीख तक महानिदेशक कार्यालय में देनी होगी। प्रेरणा पोर्टल के जरिये समीक्षा, विद्यालय की स्थिति का भौतिक सत्यापन, शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन का भी परीक्षण किया जाएगा।


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