लखनऊ : उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित राजस्व लेखपाल भर्ती परीक्षा की उत्तर कुंजी पर करीब 69 हजार आपत्तियां आई हैं। अब इनके निस्तारण के बाद भी इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में दायर याचिकाओं का निस्तारण आयोग के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
लेखपाल के 8085 पदों के लिए 31 जुलाई 2022 को हुई परीक्षा में 2.47 लाख अभ्यर्थियों में से 2,12,863 मौजूद रहे। एक अगस्त को आयोग ने उत्तर कुंजी जारी कर आपत्तियां मांगी थीं, जिसके बाद 100 प्रश्नों में से लगभग सभी प्रश्नों के उत्तर पर 69 हजार आपत्तियां आई। इस पर तीन प्रश्न का उत्तर गलत मानते हुए आयोग ने फिर अंतिम कुंजी जारी की।
भविष्य में होने वाली सभी परीक्षाओं के लिए commission answer key पर प्रति आपत्ति 100 रुपये शुल्क लेगा। इससे पहले आपत्तियां निशुल्क दायर की जाती थीं। आयोग का मानना है कि निशुल्क होने से कई प्रश्नों पर अनावश्यक आपत्ति दर्ज कराते हैं।
इससे असंतुष्ट होकर अभ्यर्थी High Court चले गए। अब सभी याचिकाओं का निस्तारण होने के बाद ही आयोग अंतिम परिणाम जारी करेगा। इसके अलावा कुछ दिव्यांग अभ्यर्थियों ने आरक्षण के निर्धारण को लेकर हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनका तर्क है कि आयोग ने सभी श्रेणी के दिव्यांगों का एक मुश्त आरक्षण निर्धारित किया है जबकि नेत्रहीन, मूक बधिर, विकलांग का अलग-अलग होना चाहिए।


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