मंडावर एक अकादमिक रिसोर्स पर्सन को शिक्षिका के साथ अश्लील चैट करना महंगा पड़ गया। अपनी इस हरकत की वजह से उसे रातभर लॉकअप में बैठना पड़ा। बाद में उसने माफीनामा लिखकर पीछा छुड़ाया। अब बेसिक शिक्षा विभाग ने भी प्रकरण की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। शिक्षिका के साथ अश्लील चैट करने के मामले में एआरपी पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग में ब्लॉक स्तर पर सभी विकास क्षेत्रों में 5-5 अकादमिक रिसोर्स पर्सन तैनात किए गए थे। इनका दायित्व स्कूलों में शिक्षण कार्य में सहयोग करना बताया जाता है।
सूत्रों के अनुसार विकास क्षेत्र मोहम्मदपुर देवमल के अंग्रेजी विषय के अकादमिक रिसोर्स पर्सन यतीश कुमार (गुज्जर ) निवासी शेखपुरा मंडावर पर अचानक आशिकी का ऐसा भूत सवार हुआ कि उन्होंने एक शिक्षिका को उनके व्हाट्सएप पर अश्लील वीडियो भेज दिया। वीडियो के साथ ही उन्होंने कुछ अश्लील बातें भी लिख दीं। घबराई शिक्षिका ने प्रकरण की जानकारी पुलिस को देते हुए विभागीय अधिकारियों को भी घटना से अवगत करा दिया। पुलिस एक्शन में आई और उसने आनन- फानन में रात में ही एआरपी यतीश कुमार ग़ुज्जर को उठा लिया। एआरपी की रात थाने में ही गुजरी।हरकतों का पता लगते ही बेसिक शिक्षा विभाग में भी उसकी खूब फजीहत हुई। सारी रात थाने में गुजारने के बाद दिन में किसी तरह से एआरपी माफीनामा लिखकर पीछा छुड़ाया। पुलिस से तो एआरपी का पीछा छूट गया, लेकिन अब बेसिक शिक्षा विभाग ने घटना की जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि उक्त एआरपी पहले भी कई प्रकरणों में चर्चा में रहे हैं।
इस मामले की खंड शिक्षा अधिकारी कर रहे जांच
शिक्षिका को अश्लील वीडियो भेजने के प्रकरण की बेसिक शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है। शिक्षिका द्वारा की गई शिकायत की जांच कराई जा रही है। मामले में बीएसए जय करण यादव ने विकास क्षेत्र मोहम्मदपुर देवमल के खंड शिक्षा अधिकारी डॉ प्रभात कुमार से रिपोर्ट मांगी है। कहा जा रहा है कि इस मामले में एआरपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होना तय है। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो मामला राज्य शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद के दरबार तक पहुंचेगा।
इस सम्बंध में पूछे जाने पर शहर कोतवाल नरेंद्र कुमार गौड़ ने बताया कि पीड़ित शिक्षिका ने एआरपी के खिलाफ कोई तहरीर नहीं दी। यदि शिक्षिका तहरीर देती तो एआरपी के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई की जाती।

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