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युवाओं ने कहा- शिक्षा के लिए टैबलेट और फोन की नहीं बेहतर शिक्षकों की जरूरत

बुधवार को योगी सरकार के बजट पर शहर के युवाओं ने मिलीजुली प्रतिक्रिया दी। कुछ युवाओं कहा की स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने से नए उद्यमियों के लिए राह आसान होगी। बुनियादी ढांचे और शिक्षक प्रशिक्षण में सुधार से प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा दुरुस्त होगी। कुछ अन्य युवाओं के मुताबिक बजट मात्र छलावा है। इसका कितना लाभ छात्रों, बेरोजगारों, नौजवानों को मिलेगा इसपर भी संशय है।

विधि छात्र विनायक पांडेय ने किसानों, शोषितों, अल्पसंख्यकों तथा महिलाओं के हक और प्रदेश के विकास का बजट बताया है। ईश्वर शरण महाविद्यालय में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर डॉ. गारिमा मौर्या ने कहा कि शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन होगा। सलोरी के प्रखर श्रीवास्तव ने बताया की सरकार पिछले वित्त वर्ष का बजट ही अभी तक खर्च नहीं कर पाई है। ग्रामीण विकास, चिकित्सा, ऊर्जा, लोक निर्माण का जो बजट निर्धारित किया गया था उसका ही इस्तेमाल करने में नाकाम रही।

इविवि के शोध छात्र ओम प्रकाश तिवारी ने युवाओं को शिक्षा, रोजगार और अनुसंधान के नए अवसर उपलब्ध कराने वाला समावेशी बजट बताया है। रज्जू भैया राज्य विश्वविद्यालय के छात्र राजन राजभर के मुताबिक छात्रों को टैबलेट और फोन देने से शिक्षा व्यवस्था बेहतर नहीं होगी। उसके लिए विद्यालयों में शिक्षकों की जरूरत है। लगभग सात लाख करोड़ के भारी भरकम बजट में छात्रों के भविष्य पर कितना खर्च होगा यह स्पष्ट नहीं है। सीएमपी के विधि छात्र अभिषेक वर्मा ने शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधार और सीएसआर गतिविधियों में निवेश करने वाली कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार का आभार जताया। अधिवक्ता राहुल सिंह ने कॉर्पस फंड के तहत अधिवक्ताओं को आर्थिक सहायता देने पर खुशी जाहिर की।

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