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फूड प्वॉयजनिंग: स्कूल में दूध पीकर आठ बच्चे करने लगे अचानक उल्टियां

उझानी (बदायूं)। अल्लापुर भोगी प्राथमिक विद्यालय में बुधवार पूर्वाह्न दूध पीने से आठ बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। प्रधानाध्यापक की मौजूदगी में अभिभावकों ने बच्चों को यहां निजी क्लीनिक पर लाकर उपचार कराया। डॉक्टर ने हालत में सुधार बताते हुए दोपहर बाद उन्हें घर भेज दिया।

ब्लॉक क्षेत्र के गांव अल्लापुर भोगी में फूड प्वॉयजनिंग का मामला करीब 11 बजे का है। मिड-डे मील दिए जाने से पहले बुधवार को बच्चों को नाश्ते में दूध पिलाया जाता है। सुबह दूधिया नरेश दूध लेकर विद्यालय पहुंचा। दूध को रसोइये ने उबाला। इसके बाद दूध विद्यालय में मौजूद सभी 110 बच्चों को पिलाया गया। दूध पीने के कुछ देर बाद ही इमरान पुत्र गुलफाम, अजहर पुत्र अकील, अल्फैज पुत्र बबलू, दिए तव्वल और नजरूल पुत्र बाबू और अहाद पुत्र शकरूद्दीन समेत आठ बच्चे रुक-रुककर उल्टियां करने लगे।

सभी बच्चे करीब आठ से 12 साल के बीच हैं, सो वह कुछ समझ भी नहीं पाए। तीन-चार बच्चे घर पहुंचे, तब भी उन्हें उल्टियां हुई।इसकी भनक लगते ही कई अभिभावक विद्यालय जा धमके और दूध की गुणवत्ता पर सवाल उठा

प्रधानाध्यापक अमित शर्मा और शिक्षामित्र फईम अख्तर उल्टियां करने वाले बच्चों में छह को अभिभावकों की मौजूदगी में यहां निजी क्लीनिक पर ले आए। क्लीनिक संचालक डॉ. नईमउद्दीन ने बच्चों को देखा और प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया। प्रधान पति रिजवान ने भी क्लीनिक पर बच्चों के अभिभावकों से बात की। दो-ढाई घंटे बाद बच्चों की सेहत दुरुस्त बताते हुए उन्हें अभिभावकों के साथ घर भेज दिया गया। प्रधानाध्यापक ने बताया कि दूध में कोई खराबी होती तो अधिकतर बच्चों को फूड प्वॉयजनिंग होती । फूड प्वॉयजनिंग की सूचना के बाद खंड शिक्षाधिकारी शशांक शुक्ला ने भी प्रधानाध्यापक से जानकारी की है।

इस मामले में प्रधानाध्यापक से भी बात हुई है। दूध पीने से उल्टियां होने की बात समझ में नहीं आती। अगर ऐसा होता तो उन सभी बच्चों को दिक्कत होती जिन्होंने दूध पीया था। दूधिया से भी जानकारी की गई है। सभी बच्चे एकदम फिट हैं। शशांक -शुक्ला, खंड शिक्षाधिकारी

बच्चों ने कुंडे के त्योहार पर खाए थे पकवान

मुस्लिम धर्म में कूड़े का त्योहार मनाया जाता है। सोमवार शाम को त्योहार पर घरों में मीठे पकवान बने थे परंपरानुसार मठरीनुमा मीठी पूड़ियां भी बनती हैं। कुंडे चार-छह दिन तक खराब नहीं होते। काफी हद तक संभव है कि बच्चों ने उन्हें ज्यादा मात्रा में खा लिया हो। फिर उन्होंने दूध पीया तो अपच हो गई हो खराबी दूध में भी हो सकती है। जरूरी नहीं जिन बच्चों ने दूध पीया, उन सभी की सेहत बिगड़े बच्चों का इलाज करने वाले डॉक्टर के अनुसार, दिक्कत उन्हें आती है, जिनका शरीर खानपान में थोड़ी सी खराबी को सहन नहीं कर पाता है।

पांच बच्चों को उनके क्लीनिक पर लाया गया था। पांचों बच्चों के चेहरे मुरझाए हुए नजर आ रहे थे। क्लीनिक पर आने से पहले उन्हें उल्टियां हो चुकी थीं। फूड प्वॉयजनिंग की वजह कोई भी हो सकती है। अब सभी बच्चे स्वस्थ्य हैं। - डॉ. नईमउद्दीन, क्लीनिक संचालक

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