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बीएसए, बीईओ और जिला समन्वयकों ने किया विद्यालयों का निरीक्षण, गैरहाजिर 16 शिक्षकों की रोकी तनख्वाह, मांगा स्पष्टीकरण

ज्ञानपुर/जंगीगंज। परिषदीय विद्यालयों का स्तर सुधारने के लिए शासन भले गंभीर है, लेकिन शिक्षकों की मनमानी पर रोक नहीं लग पा रही। शनिवार को बीएसए के निरीक्षण में इसका फिर खुलासा हुआ। तीन विद्यालयों के निरीक्षण में नौ शिक्षक गैरहाजिर थे। बीएसए ने उनका वेतन रोकते हुए जवाब तलब किया है।

सुबह नौ बजे बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह ने प्राथमिक विद्यालय जाहिदपुर का निरीक्षण करने पहुंचे, जहां बच्चे प्रार्थना करते हुए मिले। पांच शिक्षकों में सत्य प्रकाश और जाहिद बिना सूचना के अनुपस्थित थे। इस पर उन्होंने दोनों का वेतन रोकते हुए जवाब तलब किया है। वहीं, कंपोजिट विद्यालय बड़ागांव में स्टोर रूम में रखे फर्नीचर को दुरुस्त कराने का निर्देश हेडमास्टर को दिया।

दोपहर तीन बजे बीएसए कंपोजिट विद्यालय भरतपुर पहुंचे, जहां सात शिक्षक अनुपस्थित थे। इस पर सभी शिक्षकों का एक-एक दिन का वेतन रोका गया। बीएसए ने शिक्षकों को निर्देश दिया कि वह समय का ध्यान रखें। बीएसए ने कहा कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने विद्यालयों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति जांचने के लिए निरीक्षण अभियान चलाने का निर्देश दिया है। यह अभियान 13 से 31 मार्च तक जिले के सभी स्कूलों में चलाया जाएगा। इसके तहत खंड शिक्षाधिकारी (बीईओ) और जिला समन्वयक औचक निरीक्षण करेंगे। वह शिक्षकों की उपस्थिति के साथ नए शैक्षिक सत्र के लिए पुस्तकों की आपूर्ति की स्थिति, एमडीएम, ऑपरेशन कायाकल्प के तहत कराए गए कार्यों और विद्यालय में निपुण भारत मिशन की गतिविधियों के संचालन के बारे में भी जांच करेंगे। इसकी सूचना प्रतिदिन एडी बेसिक और बीएसए को उपलब्ध कराई जाएगी। शैक्षिक सत्र 2022-23 में यह अभियान चलाया जा चुका है। इसमें करीब 600 से अधिक शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशक अनुपस्थित पाए गए थे, जिन पर कार्रवाई की गई लेकिन अभी भी शिक्षक मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं।

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