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जिले में बेसिक शिक्षा की व्यवस्था लड़खड़ाई, 50 विद्यालय एकल संचालित, शिक्षकों के 2918 पद खाली

रामपुर नगर क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय अजीतपुर में पंजीकृत 216 बच्चों पर एकमात्र शिक्षामित्र फरहाना अफरोज तैनात हैं। उनका कहना है कि कोई भी शिक्षक या शिक्षामित्र यहां पर नहीं है। शिक्षण कार्य के अतिरिक्त बीएलओ ड्यूटी व अन्य कार्य भी कराने पड़ते हैं। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग में ऐसे एक नहीं बल्कि 50 के करीब विद्यालय हैं जो एकल शिक्षक के रूप में संचालित हो रहे हैं।

जिले में बेसिक विद्यालयों में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों की संख्या 1596 है। इस सत्र में इनमें 1.54 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। बात अगर शिक्षकों की करी जाए तो जिले की स्थिति बेहतर नहीं है। बेसिक विद्यालयों में शिक्षकों की काफी कमी है। जिले के बेसिक विद्यालयों में 4057 शिक्षक तैनात हैं। जबकि 2918 शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। कई विद्यालय ऐसे हैं जिनमें एक ही शिक्षक अथवा शिक्षामित्र के सहारे बच्चों की पढ़ाई व्यवस्था चल रही है। यहां पर छात्र शिक्षक संख्या के अनुपात का पालन भी नहीं हो पा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस समस्या को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी से लेकर जिला मुख्यालय पर बीएसए दफ्तर पहुंचकर शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

दूसरी ओर शिक्षा विभाग भी शिक्षकों की कमी की बात स्वीकार रहा है। हाल में दूसरे जिलों से 160 शिक्षक तबादला होकर रामपुर आए हैं। इनके विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया होने के बाद एकल विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होने की उम्मीद है।

जिले में कई विद्यालय ऐसे हैं, जहां एक ही शिक्षक है। ऐसे में उन्हें अलग-अलग कक्षा के बच्चों को पढ़ाने में समस्या होती है। इसके अलावा विभाग द्वारा कई अन्य प्रकार के अतिरिक्त कार्य भी सौंपे जाते हैं। - रवेंद्र गंगवार, जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ रामपुर

दूसरे जिलों से जो शिक्षक तबादला होकर आए हैं, उन्हें नगर व ब्लॉक क्षेत्र के एकल विद्यालयों में समायोजित करने की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। प्रयास किए जा रहे हैं इस समस्या का जल्द से जल्द निस्तारण हो सके। -संजीव कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, रामपुर

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