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गणित में कमजोर पड़े बच्चे,आकृति भी नहीं पहचान पाते

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के सर्वे में खुलासा, देश भर के 74,229 स्कूलों में तीसरी के 5,99,026 छात्रों पर शोध

पटना। बिहार सहित देशभर के स्कूलों में पढ़ रहे तीसरी कक्षा के बच्चे गणित में कमजोर हैं। यहीं नहीं तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे आस-पास की चीजों की आकृतियों की भी पहचान नहीं कर पाते। वे दो अंकों के जोड़-घटाव करने में भी कमजोर हैं। यह खुलासा राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की सर्वे रिपोर्ट से हुआ है।

सर्वे में देश भर के निजी और सरकारी 74,229 स्कूलों में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले 5,99,026 और बिहार के 27013 बच्चों को सर्वे में शामिल किया गया था। इसके तहत बच्चों का गणित विषय में टेस्ट लिया गया था। इसके बाद उनका मूल्यांकन किया गया। देश भर में 60% बच्चों ने ही गणित में बेहतर प्रदर्शन किया। यानी 40% बच्चे कक्षा अनुसार उन्हें दिए गए सवालों का हल नहीं कर पाए। देश भर के 31 फीसदी बच्चे आस-पास की चीजों की आकृतियों की पहचान नहीं कर पाते। बिहार में यह संख्या 41% है।

फाउंडेशन स्टेज में ही बच्चों का दिमाग विकसित होता है। ऐसे में बाल वाटिका से लेकर पहली, दूसरी और तीसरी कक्षा तक के बच्चों पर सबसे अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है। इस स्टेज में ही दक्ष शिक्षक होने चाहिए। - डॉ. ए ए मोइन, पूर्व संयुक्त निदेशक, एससीईआरटी

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