👇Primary Ka Master Latest Updates👇

हाईकोर्ट का आदेश: मृतक आश्रित नियुक्ति पर दोबारा विचार करें बीएसए मेरठ, 02 माह में दें नियुक्त

इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश: मृतक आश्रित नियुक्ति पर दोबारा विचार करें बीएसए मेरठ

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए मृतक आश्रित नियुक्ति से संबंधित मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) मेरठ को आदेश दिया है कि वे याचिकाकर्ता को सुनवाई का अवसर प्रदान कर उसके दावे पर कानून के अनुसार दोबारा विचार करें।

मामला अश्विनी कुमार बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य से संबंधित है। याचिकाकर्ता के पिता, जो मेरठ जनपद के सरूरपुर ब्लॉक स्थित जूनियर हाई स्कूल बपारसी में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत थे, का सेवाकाल के दौरान 20 दिसंबर 2022 को निधन हो गया था। इसके बाद अश्विनी कुमार ने अनुकंपा के आधार पर तृतीय श्रेणी की नियुक्ति के लिए प्रार्थना पत्र दिया था।

लेकिन बीएसए मेरठ ने 22 मार्च 2025 को उनके आवेदन को यह कहकर खारिज कर दिया कि जिला मेरठ में बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत तृतीय श्रेणी का कोई पद रिक्त नहीं है।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत 24 जुलाई 2025 को प्राप्त जानकारी प्रस्तुत की, जिसमें मेरठ जनपद में तृतीय श्रेणी के दो पद रिक्त दर्शाए गए थे। अधिवक्ता ने दलील दी कि बीएसए का आदेश तथ्यात्मक स्थिति के विपरीत और मनमाना है।

वहीं प्रतिवादी पक्ष की ओर से यह तर्क दिया गया कि याचिकाकर्ता तृतीय श्रेणी पद पर नियुक्ति का हकदार नहीं है, हालांकि उसके दावे पर चतुर्थ श्रेणी पद के लिए विचार किया जा सकता है।

माननीय न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने सुनवाई के बाद कहा कि रिक्तियों की अनुपस्थिति का आधार ही आदेश में लिया गया था, जबकि रिकॉर्ड इसके विपरीत स्थिति दर्शा रहा है। इसलिए आदेश को सही नहीं ठहराया जा सकता। न्यायालय ने 22.03.2025 का आदेश निरस्त करते हुए बीएसए मेरठ को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को सुनवाई का अवसर दें और दो माह के भीतर नया तथा सुस्पष्ट आदेश पारित करें।

न्यायालय ने इस मामले में रिट याचिका को स्वीकार कर लिया और लागत संबंधी कोई आदेश पारित नहीं किया।


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Politics news of India | Current politics news | Politics news from India | Trending politics news,